बिहार के सीवान, सारण और गोपालगंज जिलों में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर औरंगाबाद के सांसद और राजद संसदीय दल के नेता अभय कुशवाहा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने इन मौतों को ‘आपदा’ नहीं, बल्कि ‘सरकार द्वारा की गई हत्याएं’ करार दिया। सांसद कुशवाहा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बिहार में शराबबंदी के बाद कई बार जहरीली शराब से मौतें हो चुकी हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज करती रही है।
सरकार की नाकामी पर उठाए सवाल
सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद जहरीली शराब से लगातार मौतें हो रही हैं। यह पहली बार नहीं है जब इतनी बड़ी त्रासदी हुई है, लेकिन हर बार राज्य सरकार इसे मामूली घटना की तरह टाल देती है। सरकार सिर्फ थाना प्रभारी या चौकीदार को निलंबित कर दिखावटी कार्रवाई करती है, जबकि असली जिम्मेदार उच्च अधिकारी और राज्य के शीर्ष नेतृत्व हैं, जो इस समस्या को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
मौतों को आपदा मानने से इनकार
सांसद ने कहा कि बिहार सरकार इन मौतों को आपदा बताकर मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपये का मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह घटना आपदा नहीं है, बल्कि सरकार की लापरवाही और कुप्रबंधन से हुई हत्याएं हैं। कुशवाहा ने मांग की कि मृतकों के परिवारों को कम से कम 50-50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को इन मौतों की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इसे केवल मुआवजे की औपचारिकता से नहीं निपटना चाहिए।
तेजस्वी यादव की चेतावनी
सांसद कुशवाहा ने कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी लगातार राज्य सरकार को इस मुद्दे पर आगाह करती रही है। लेकिन एनडीए के नेता हर बार जनता को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इस मामले को लेकर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और पार्टी की नजर सरकार की हर कार्रवाई पर बनी रहेगी। कुशवाहा ने कहा कि बिहार सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाएं भविष्य में दोबारा न हों, और इसके लिए राज्य सरकार को जवाबदेही लेनी ही होगी।