प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिहार के नवादा जिले के कुंती नगर मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने मगही भाषा में करते हुए की, जिससे जनसभा में मौजूद लोगों का उत्साह देखते ही बना।
उन्होंने कहा कि हम हड़िया सूर्य मंदिर की पवित्र भूमि, संकटमोचन और गोनावां की तपोभूमि, बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण बाबू की धरती को नमन कर हिए। अपने सबके अभिनंदन करी हियो। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मगही पान की धरती है, और चूंकि वे बनारस के सांसद हैं, इसलिए मगही पान और बनारस के रिश्ते की मिठास को वे भली-भांति समझते हैं।
मोदी ने मगध की महिमा का बखान करते हुए कहा कि नवादा, नालंदा, औरंगाबाद, जहानाबाद और अरवल की यह धरती अद्भुत सामर्थ्य वाली है। उन्होंने बिहार केसरी श्रीकृष्ण बाबू, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और भोला सिंह जैसे जननायकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मगध की मिट्टी ने इतिहास में मां भारती को अनेक महान संताने दी हैं। मगध पुरातन भारत की शान रहा है, अब हमें उसी गौरव को लौटाना है।
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विपक्ष पर तीखा प्रहार
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान विपक्ष पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये ‘चारे वाले’ सोचते हैं कि बिहार की जनता को फिर से चराया जा सकता है, लेकिन जनता उनकी रग-रग को पहचान चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव खत्म होते ही राजद और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे के बाल नोचते नजर आएंगे। एक बिहार का सबसे बड़ा भ्रष्ट परिवार है, तो दूसरा देश का सबसे बड़ा भ्रष्ट परिवार। इन दोनों परिवारों के बीच अब घमासान मचा हुआ है।
राजद नेता पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां एक जंगलराज के युवराज हैं, जिन्हें लगता है कि उनकी पदयात्रा ने उन्हें ही पैदल कर दिया है। मोदी ने कहा कि ‘कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और करप्शन’ यही पहचान आरजेडी की रही है।