बिहार के औरंगाबाद पुलिस को बुधवार को बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने यूपी और बिहार में सक्रिय 50 हजार रुपये के इनामी अंतर्राज्यीय अपराधी सुजीत कुमार उर्फ गुड्डू कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। वह औरंगाबाद जिले के सिमरा थाना क्षेत्र के अजनियां गांव का निवासी है। बिहार और उत्तर प्रदेश की पुलिस उसे दर्जनभर आपराधिक मामलों में लंबे समय से तलाश रही थी।
बाइक लूटकांड की जांच के दौरान गिरफ्तारी
औरंगाबाद सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुशील कुमार ने बताया कि 12 मार्च 2026 को अंबा थाना क्षेत्र के हथबोर के पास बाइक सवार तीन अपराधियों ने परता गांव निवासी राजीव रंजन को हथियार का भय दिखाकर मारपीट की थी। इसके बाद उनकी बाइक, सोने का हनुमान जी का लॉकेट, मोबाइल फोन और नकदी लूट ली गई थी।
पीड़ित के आवेदन पर अंबा थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सदर-1 के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी कर रही थी।
पढ़ें: रोटी की तलाश में गया था केरल, भूस्खलन में सारण का युवक लापता; परिजनों को सताए जा रही चिंता
इसी क्रम में बुधवार को अंबा थाना क्षेत्र के जीवा बिगहा पुल के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया। सत्यापन के दौरान उसकी पहचान 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी सुजीत कुमार उर्फ गुड्डू कुमार यादव के रूप में हुई। उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर अंबा थाना लाया गया।
पूछताछ में लूटकांड में शामिल होने की बात कबूली
पुलिस पूछताछ में सुजीत ने स्वीकार किया कि उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हथबोर के पास बाइक लूटकांड को अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गिरफ्तार इनामी अपराधी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
दर्जनभर मामलों में था वांछित
एसडीपीओ ने बताया कि सुजीत कुमार का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में लूट, छिनतई, मारपीट, रंगदारी, शस्त्र अधिनियम और शराब तस्करी से जुड़े दर्जनभर मामले दर्ज हैं। वह औरंगाबाद जिले के सिमरा थाना के कई मामलों के अलावा उत्तर प्रदेश के चंदौली (मुगलसराय), औरंगाबाद मुफस्सिल थाना तथा गया जिले के आमस थाना में दर्ज मामलों में भी वांछित था। दोनों राज्यों की पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।