गयाजी जिले के मंझौली पंचायत में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भुतही नदी पर महज 10 दिन पहले ह्यूम पाइप के सहारे बनाई गई पुलिया हल्की बारिश के बाद नदी के तेज बहाव में तीसरी बार बह गई। इसके चलते एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है और ग्रामीणों को आवागमन में फिर से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तीसरी बार बह गई पुलिया
ग्रामीणों ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर बार स्थायी समाधान के बजाय अस्थायी मरम्मत कर पुलिया तैयार कर दी जाती है। बारिश शुरू होते ही वही पुलिया बह जाती है और लोगों की परेशानी फिर बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शुरुआत से ही मजबूत और तकनीकी मानकों के अनुरूप निर्माण कराया जाता तो बार-बार सरकारी राशि खर्च करने की नौबत नहीं आती।
बारिश के बाद बढ़ा नदी का बहाव
स्थानीय निवासी डॉ. कृष्ण प्रसाद ने बताया कि क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश के बाद भुतही नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। तेज बहाव के कारण ह्यूम पाइप के सहारे बनाई गई पुलिया टिक नहीं सकी और तीसरी बार बह गई। उन्होंने कहा कि हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
स्थायी पुल की मांग तेज
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से भुतही नदी पर मजबूत और स्थायी पुल बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल अस्थायी पुलिया बनाकर सरकारी धन खर्च किया जाता है, लेकिन समस्या जस की तस बनी रहती है। लोगों का कहना है कि जब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं होगा, तब तक हर मानसून में गांवों का संपर्क टूटता रहेगा और ग्रामीणों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।