औरंगाबाद जिले में एक हाई-प्रोफाइल अपहरण कांड का नाटकीय अंत हुआ, जब पुलिस जांच में सामने आया कि अपहृत खुद ही अपने अपहरण की साजिश का मास्टरमाइंड था। यह मामला तब चर्चा में आया जब लोकसभा चुनाव में नामांकन दाखिल कर चुके और देव के चर्चित समाजसेवी शक्ति मिश्रा के भतीजे के अपहरण की खबर फैली। लेकिन पुलिस जांच के बाद खुलासा हुआ कि कथित अपहृत कृष्णा मिश्रा ने ही खुद के अपहरण की योजना बनाई थी।
अपहरण और फिरौती की मांग का पुलिस ने किया खुलासा
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को समाजसेवी शक्ति मिश्रा और उनके परिजनों ने पुलिस को सूचना दी कि उनके रिश्तेदार कृष्णा मिश्रा का अपराधियों ने अपहरण कर लिया है। अपहर्ताओं ने पांच लाख रुपये की फिरौती की भी मांग की थी। इस सूचना के आधार पर कृष्णा मिश्रा के पिता अजीत मिश्रा ने देव थाना में एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका बेटा कुरका से अंबा जा रहा था, तभी जीवा बिगहा के पास उसका अपहरण कर लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देव पुलिस ने अपहरण की एफआईआर संख्या-47/25 दर्ज की और जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, इंटेलिजेंस और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कृष्णा मिश्रा की लोकेशन का पता लगाया और उसे रफीगंज के एक स्थान से सकुशल बरामद कर लिया।
खुद के अपहरण की रची थी साजिश
पुलिस पूछताछ में कृष्णा मिश्रा ने स्वीकार किया कि उसने खुद ही अपने अपहरण का नाटक रचा था। उसने बताया कि जुआ खेलने के दौरान वह बड़ी रकम हार गया था और इस नुकसान की भरपाई के लिए उसने अपने ही पिता से फिरौती की मांग करवाने की साजिश रची। जब यह साजिश पुलिस के सामने उजागर हुई, तो कृष्णा मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
हाई-प्रोफाइल मामले से समाजसेवी शक्ति मिश्रा ने किया किनारा
चूंकि यह मामला चर्चित समाजसेवी शक्ति मिश्रा के परिवार से जुड़ा था, इसलिए यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। समाजसेवी शक्ति मिश्रा ने पुलिस पर दबाव बनाया था कि अपहृत को जल्द से जल्द बरामद किया जाए। लेकिन जब अपहरण का सच सामने आया, तो उन्होंने इस मामले से खुद को अलग कर लिया। शक्ति मिश्रा ने साफ कहा कि कृष्णा मिश्रा मेरा सगा भतीजा नहीं है, वह दूर के रिश्ते में भतीजा लगता है। मैंने केवल मानवता के नाते पुलिस से उसे ढूंढने की गुजारिश की थी। अब जब उसने खुद ही अपने अपहरण की साजिश रची है, तो उसे इसके दुष्परिणाम भी भुगतने होंगे। वह जेल जा रहा है।
गौरतलब है कि देव के इलाके में शक्ति मिश्रा एक चर्चित समाजसेवी हैं। हाल ही में वह तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के तर्ज पर भुइयां जाति के लोगों द्वारा जूठे बेर खाए थे। इसके अलावा वे देव में लगने वाले चैती और कार्तिक छठ मेले में श्रद्धालुओं और व्रतियों को निःशुल्क भोजन कराने के लिए भी प्रसिद्ध हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने शक्ति मिश्रा के नाम को और सुर्खियों में ला दिया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। वहीं, पुलिस ने कहा है कि कृष्णा मिश्रा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।