Bihar : सांसद, नगर निगम के मेयर और भाजपा विधायक शहर से लापता हो गये हैं। इस बात की जानकारी लोगों को तब हुई जब जगह-जगह पर उनके लापता होने के पोस्टर दिखने लगे। शहर में पहली बार किसी जनप्रतिनिधि के लापता होने के पोस्टर सार्वजनिक रूप से लगाए गए हैं।
बिहार में चुनावी साल शुरू होते ही गया जिले में पोस्टरबाजी शुरू हो गई है। गया जिले के सांसद, नगर निगम के मेयर और वजीरगंज विधानसभा के भाजपा विधायक के खिलाफ अनोखा राजनीति शुरू हो गया है। गया में पहली बार किसी जनप्रतिनिधि के लापता होने के पोस्टर सार्वजनिक रूप से लगाए गए हैं। सोमवार को प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने गया नगर निगम के वार्ड 48 में मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, केंद्रीय मंत्री सह हम पार्टी के संरक्षक जीतनराम मांझी और वजीरगंज के भाजपा विधायक वीरेंद्र सिंह के लापता होने के पोस्टर चिपकाए हैं। पोस्टर में चंदन कुमार रघुवंशी के हवाले से लिखा गया है कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला जाएगा।मानपुर-सरवहदा रोड के कलाली मोड़ से सूर्य पोखरा तक लगभग एक किलोमीटर नाली का निर्माण नहीं हुआ है। घरों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। वहां की सड़कें जर्जर हो गई है। स्थानीय लोगों का जीवन जीना मुश्किल हो गया है। स्थानीय पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या की जानकारी दी थी। लेकिन इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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सोशल मीडिया पर हो रहा है वायरल
गया जिले के मानपुर मोहल्ले में जिले के सांसद जीतन राम मांझी, गया नगर निगम के मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान और वजीरगंज विधानसभा के भाजपा विधायक वीरेंद्र सिंह का लापता वाला पोस्टर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर का अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है। लेकिन बिहार में चुनावी साल में इस तरह के पोस्टर वार से चौक-चौराहे पर खुब चर्चा हो रही है।