औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के कुशहा गांव के पास रविवार को बदमाशों ने एक निजी बस के कंडक्टर की बेरहमी से लाठी-डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर दी। मृतक की पहचान सढ़ैल गांव निवासी मंजय कुमार सिंह (40) के रूप में हुई है। यह घटना उस समय हुई जब बस धनबाद की ओर जा रही थी। घटना का कारण बस रोकने के विवाद को बताया जा रहा है।
बस रुकवाकर लाठी-डंडों से किया हमला
जानकारी के मुताबिक, मंजय कुमार सिंह पिछले कई सालों से औरंगाबाद-धनबाद मार्ग पर एक निजी बस में कंडक्टर का काम करते थे। रविवार सुबह करीब 10 बजे बस जब कुशहा गांव के पास पहुंची, तो 10-12 युवकों ने सड़क पर आकर बस को रुकवा दिया। बस रुकते ही युवकों ने कंडक्टर मंजय को वाहन से खींचकर नीचे उतारा और लाठी-डंडों से पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी। परिजनों ने मंजय को घायल समझकर औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश
कंडक्टर की मौत की खबर से गांव सढ़ैल में मातम छा गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने घटना स्थल पर एनएच-19 पर आगजनी कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के चलते एनएच पर यातायात करीब साढ़े तीन घंटे तक बाधित रहा। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने समझा-बुझा कर हटवाया जाम
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ अमित कुमार, मदनपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार, सलैया थानाध्यक्ष रंजन कुमार और देव थाना के एसआई सूरज कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे कंडक्टर की हत्या के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। कई घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम हटवाया। जाम हटने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हत्या के कारण पर संशय
पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे का सही कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। वहीं, मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि बस में भाड़े को लेकर विवाद के कारण मंजय की हत्या की गई। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि मंजय कुमार सिंह अपने पीछे दो बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं। उनकी मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। सढ़ैल गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीण घटना से गहरे सदमे में हैं।