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Bihar: संयोग या सिस्टम की नाकामी? अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में बंद हुई एंबुलेंस, मासूम ने तोड़ा दम

Fri, 12 Jun 2026 05:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी

सार

Bihar: गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल में सड़क दुर्घटना में घायल 11 वर्षीय छात्र उज्ज्वल कुमार को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस बीच रास्ते में खराब हो गई। परिजनों का आरोप है कि इलाज में देरी के कारण बच्चे की मौत हो गई। 
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अस्पताल में रोते-बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल में एक दर्दनाक हादसे ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 11 वर्षीय छात्र को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस बीच रास्ते में खराब हो गई। परिजनों का आरोप है कि इलाज में हुई देरी के कारण मासूम ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद एंबुलेंस सेवा और उसके रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

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हादसे के बाद जिंदगी और मौत से जूझता रहा छात्र
मामला इमामगंज थाना क्षेत्र के पाकरडीह गांव का है। मृतक छात्र की पहचान पलामू जिले के नौडीहा थाना क्षेत्र के तरीडीह गांव निवासी दामोदर मेहता के पुत्र उज्ज्वल कुमार (11 वर्ष) के रूप में हुई है। उज्ज्वल अपनी मौसी के घर रहकर पढ़ाई करता था। बताया जाता है कि वह क्रिकेट खेलकर घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में मिट्टी लदे ट्रैक्टर ने उसकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया।

ग्रामीणों ने दिखाई मानवता, तुरंत बुलाई एंबुलेंस
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल छात्र की मदद शुरू की। तत्काल एंबुलेंस बुलाकर उसे शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया। परिजन और ग्रामीण उम्मीद कर रहे थे कि समय रहते इलाज मिलने पर बच्चे की जान बच जाएगी।
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बांके बाजार के पास अचानक बंद पड़ गई एंबुलेंस
परिजनों का आरोप है कि बांके बाजार के समीप पहुंचते ही एंबुलेंस अचानक खराब हो गई। वाहन के बंद पड़ जाने से घायल छात्र को अस्पताल पहुंचाने में काफी देरी हुई। इस दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। परिवार का कहना है कि यदि एंबुलेंस तकनीकी रूप से दुरुस्त होती और समय पर अस्पताल पहुंच जाती, तो उज्ज्वल की जान बचाई जा सकती थी।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
इलाज मिलने की उम्मीद में अस्पताल ले जाए जा रहे उज्ज्वल ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी मातम पसरा हुआ है और लोग इस घटना को लेकर आक्रोश जता रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
घटना ने एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि एंबुलेंस का नियमित रखरखाव और तकनीकी जांच होती, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग
मामले को लेकर परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि एंबुलेंस सेवा में हुई कथित लापरवाही की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। वहीं पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

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