पानापुर के सारौंजा भगवानपुर का टूटा सारण तटबंध
सारण में तटबंध टूटने से कई गांवों पर खतरा
सारण जिले के पानापुर प्रखंड के सरोजा-भगवानपुर इलाके में राइट सारण तटबंध में कटाव के बाद ब्रिच हुआ है। इसके बाद पानापुर और तरैया प्रखंड के कई पंचायतों और गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और बचाव एवं राहत कार्य चलाया जा रहा है। इससे पहले मकेर प्रखंड के बाघा कोल और हजलपुर गांव के पास सारण तटबंध में रिसाव के बाद टूटने की स्थिति बनी थी। हजलपुर में बांध टूटने के बाद पानी के तेज बहाव में एक घर बह गया। छपरा-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग पर पानी चढ़ने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। बाढ़ के पानी में सारण इलाके में दो तेंदुए भी बहते दिखाई दिए। इनमें से एक तेंदुआ तैरकर किनारे पहुंच गया और पेड़ पर चढ़ गया, जबकि दूसरा पानी के बहाव के साथ आगे निकल गया। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर वन्यजीवों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
मुजफ्फरपुर के कई गांव में घुसा बाढ़ का पानी।
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गोपालगंज के कई गांवों में घुसा गंडक का पानी
गोपालगंज में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बैकुंठपुर प्रखंड में शीतलपुर और पकहा के बीच स्थित जमींदारी बांध अचानक टूट गया। बांध टूटने के बाद गंडक का तेज पानी निचले इलाकों की ओर फैलने लगा, जिससे शीतलपुर, फैजुलाहपुर, खोमहारीपुर, सलेमपुर, नरवार, बहरामपुर, गम्हारी, बैकुंठपुर, चिउटहा फतेहपुर बसघाट, बंधौली और बनौरा समेत कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई निचली बस्तियों और खेतों में पानी पहुंच चुका है, जिसके चलते ग्रामीण सामान और मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। वहीं, मुंजा मटियारी के पास सारण तटबंध पर भी दबाव बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें तटबंध की निगरानी कर रही हैं तथा संवेदनशील स्थानों पर बालू की बोरियां डालकर सुरक्षा कार्य किया जा रहा है। लोग बच्चों, मवेशियों और जरूरी सामान के साथ ऊंचे स्थानों, स्कूलों, तटबंधों और सड़क किनारे सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं। तटबंध को नुकसान पहुंचने की स्थिति में सारण जिले के पानापुर, मशरख, तरैया और मढ़ौरा प्रखंड भी प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
गंडक नदी में उफान से लोगों में दहशत।
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जल संसाधन विभाग ने क्या कहा?
जल संसाधन विभाग के अनुसार नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण गंडक का जलस्तर डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर पहुंच गया था। इससे गंडक के दोनों तटबंधों पर अत्यधिक दबाव बना। दबाव के कारण कई जगह सीपेज और पाइपिंग की स्थिति बनी। विभाग की टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी करते हुए फ्लड फाइटिंग का काम कर रही हैं। सारण के पानापुर में राइट सारण तटबंध और मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में रिंग बांध में ब्रिच की पुष्टि विभाग ने की है। विभाग का कहना है कि अन्य संवेदनशील स्थल फिलहाल सुरक्षित और नियंत्रण में हैं। वहां सुरक्षा कार्य लगातार जारी है। जलस्तर में अब गिरावट शुरू हो गई है, लेकिन नदी अभी भी पुराने एचएफएल से ऊपर है। ऐसे में अगले 48 घंटे तक जल दबाव बने रहने की आशंका को देखते हुए निगरानी जारी रखी जा रही है।
प्रशासन की लोगों से अपील
सारण जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से बाढ़ प्रभावित इलाकों में आने-जाने से बचने की अपील की है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के जानकारी साझा नहीं करने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक और जल संसाधन विभाग की टीमें तटबंधों की निगरानी के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती तटबंधों पर बने जल दबाव को नियंत्रित करना और निचले इलाकों में पहुंच रहे पानी के बीच लोगों को सुरक्षित रखना है।