ओडिशा और आंध्र प्रदेश में शनिवार रात तबाही मचाने के बाद फैलिन चक्रवात अब बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है।
हालांकि राहत की बात यह है कि चक्रवात की रफ्तार कम होकर सौ किलोमीटर प्रति घंटे पर आ गई है लेकिन खतरा कम नहीं हुआ है।
इसकी वजह से झारखंड और पश्चिम बंगाल में तेज बारिश हो रही है। सोमवार तक पूर्वी उत्तर प्रदेश भी इसकी चपेट में आ सकता है।
फिलहाल ओडिशा और आंध्र प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य में तेजी के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की पचास टीमें लगी हुई हैं। अब तक प्रभावित क्षेत्रों से लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है।
एनडीएमए के उपाध्यक्ष सुधाकर रेड्डी के मुताबिक ओडिशा और आंध्रप्रदेश में तांडव मचाने के बाद फैलिन बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है।
चक्रवाती तूफान से ओडिशा और छत्तीसगढ़ के साथ ही झारखंड और पश्चिम बंगाल में तेज बारिश हो रही है। इसके रविवार रात बिहार और सोमवार तक उत्तर प्रदेश में पहुंचने की आशंका है।
तूफान के खतरे को देखते हुए छह राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि तूफान की रफ्तार शनिवार के 200 किलोमीटर के मुकाबले घटकर अब 100 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई है।
आंध्रप्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों से एनडीएमए ने 4.50 लाख जबकि अन्य सभी टीमों ने यहां से कुल आठ लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
भीषण तूफान से अब तक सात लोगों की मौत की सूचना है। राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के प्रमुख कृष्णा चौधरी का कहना है कि ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य के लिए बल की 50 टीमों के 2300 कर्मियों को तैनात किया गया है।
इधर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि फैलिन फिलहाल फूलवनी के पास स्थित है और यह 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
यह अभी कुछ और समय तक उत्तर की ओर बढ़ेगा। लेकिन आगे बढ़ने के साथ ही यह कमजोर पड़ता जाएगा और उसके बाद देर रात तक यह एक गहरे दबाव में तब्दील हो जाएगा। उधर एनडीआरएफ को सभी मोर्चों पर क्षति को कम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।