बिहार में 107 करोड़ रुपए के फर्जी स्टांप पेपर बरामद किए गए हैं।
पटना में पुलिस ने इस बरामदगी के अलावा फर्जी स्टांप पेपर कारोबार में लगे 16 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इन लोगों ने बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिसा और पश्चिम बंगाल में फर्जी स्टांप पेपरों को वेंडरों के जरिए बेचने की बात भी कबूल की है।
बरामदगी के मामले से करीब एक दशक पुराने अब्दुल करीम तेलगी फर्जी स्टांप पेपर मामले की याद ताजा हो गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बुधवार को बताया कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद पत्रकार नगर के अपार्टमेंट में छापे के दौरान पूरे मामले के मास्टर माइंड रंजीत कुमार को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया।
साथ ही 10 से 20000 रुपए के मूल्य वर्ग वाले करीब दो करोड़ रुपए के फर्जी स्टांप बरामद किए गए।
उत्तर प्रदेश गोरखपुर के मूल निवासी कुमार के साथ तीन अन्य को भी गिरफ्तार किया गया। इन लोगों की सूचना के आधार पर पुलिस ने खेमनीचाक इलाके के एक अन्य घर में छापा मारकर उसी दौरान करीब सौ करोड़ रुपए के स्टांप पेपर बरामद किए।
यहां से कंप्यूटर, प्रिंटर्स, कटिंग मशीन, रंजक और प्रिंटिंग ब्लाक सहित किसान क्रेडिट कार्ड, राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र, बैंक चेक, कोर्ट टिकट के फर्जीवाड़े से संबंधित उपकरण भी मिले।
सात व्यक्तियों को यहां से गिरफ्तार किया गया। पत्रकार नगर में एक अन्य अपार्टमेंट में मारे गए छापे में करीब पांच करोड़ रुपए के फर्जी स्टांप पेपर बरामद किए गए।
यहां से स्कैनर्स, इंक और शीट्स आदि भी बरामद किए गए। पांच लोगों को यहां से गिरफ्तार किया गया।
बहादुर पुलिस स्टेशन इलाके के एक अन्य घर में फर्जी स्टांप पेपर, पोस्टल टिकट, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रिंटेड लिफाफे, प्रिटिंग मशीन सहित फर्जीवाड़ा के अन्य उपकरण बरामद किए गए।
इस पूरे अभियान के साथ पुलिस ने गिरफ्तार लोगों की त्यौहारी सीजन में नकली नोट बाजार में लाने की साजिश का भंडाफोड़ भी किया है।