Bihar Police : जेल में नहीं, पुलिस एकेडमी में सुरंग! उसने राजगीर पुलिस एकेडमी के पास किराए पर मकान लिया। फिर खाकी वर्दी सिलवाकर अंदर जाने लगा। सीनियर बनकर प्रशिक्षु दारोगों को ठगा। हिम्मत इतनी बढ़ गई कि धौंस दिखाने वर्दी में ही थाने पहुंच गया।
नालंदा में शनिवार को एक फर्जी दरोगा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला छबीलापुर थाना क्षेत्र का है। फर्जी दारोगा अरवल जिला के अरवल निवासी कमलेश उर्फ दीपू है। इस मामले को लेकर छबीलापुर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि फर्जी दरोगा पिछले 3 साल से राजगीर पुलिस एकेडमी के पास किराए का कमरा ले कर रह रहा था। 3 साल पूर्व उसने सेटिंग के जरिए दरोगा की परीक्षा दी थी, जिसमें वह सफल नहीं कर पाया था। इसके बाद उसे सेटर के द्वारा राजगीर पुलिस अकैडमी के पास ही रहने की सलाह दी और यह कहा कि बैक डोर से उसकी बहाली करवा देगा। इसके बाद उसने पुलिस एकेडमी के एक गार्डेनर से दोस्ती कर ली और उसके साथ ही वह अंदर जाने आने लगा। कुछ समय के उपरांत गार्डेनर को वहां से हटा दिया गया। इसके बाद फर्जी दरोगा की इंट्री पुलिस एकेडमी के अंदर बंद हो गई। उसने पुलिस की वर्दी सिलवाई और फर्जी आई कार्ड बनवाया और फिर प्रशिक्षु दरोगा के साथ घुल मिलकर एकेडमी जाने आने लगा।
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कई दरोगों को लगाया चूना
छबीलापुर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि फर्जी दरोगाउसने कई प्रशिक्षु दारोगा से घर में मां के बीमार, बहन की शादी का हवाला देकर पैसे की ठगी भी की। वह खुद को प्रशिक्षु दारोगा के सामने सीनियर बताता था। ऐसे करके उसने दर्जनभर से भी अधिक प्रशिक्षु दारोगा को ठगी का शिकार बनाया।
फर्जी दारोगा की ऐसे फंसी गर्दन
शुक्रवार को किसी काम को लेकर जब कमलेश छबीलापुर थाना पहुंचा तब उसे ड्यूटी में तैनात अधिकारी ने थाना आने का कारण पूछा। इसके बाद वह गोलमोल जवाब देने लगा। जब उससे आई कार्ड की मांग की गई तो आई कार्ड में दीपू कुमार जबकि वर्दी पर कमलेश लिखा हुआ था। उससे जब गहराई से पूछताछ की जाने लगी तो उसने बताया कि वह सासाराम के वेदा ओपी में तैनात है। कन्फर्मेशन के लिए जब वेदा ओपी के प्रभारी से बातचीत की गई तो उन्होंने कमलेश या दीपु नाम के दरोगा के वहां प्रतिनियुक्ति को सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद अखिलेश को हिरासत में ले लिया गया।
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इन सामानों को किया गया जप्त
उस फर्जी दारोगा के पास से दारोगा की वर्दी, 5 एटीएम कार्ड, 3 पुलिस की फर्जी आईकार्ड, मोबाइल और आधार कार्ड बरामद किया गया है। फिलहाल पुलिस कमलेश को न्यायिक हिरासत में भेजकर पूरे मामले की जांच में जुट गई है।