नेताओं के बिगड़े बोल ने चुनाव आयोग की चिंता बढ़ा दी है। बिगड़ैल बोल पर लगाम कसने के लिए आयोग ने राजनैतिक दलों को नसीहत देते हुए कहा है कि वे मर्यादित परंपरा का निर्वहन कर भविष्य के चुनावों के लिए नजीर पेश करें।
आयोग ने बिहार में चुनाव लड़ रहे राजनैतिक दलों के नेताओं और उम्मीदवारों को सख्त दिशा-निर्देश भी दिए हैं। बताया जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों और उनके नेताओं द्वारा दिए जा रहे बयानों से आयोग काफी दुखी है और उस पर गहरायी से नजर रखे हुए है।
नेताओं के भाषण के गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए आयोग ने कहा है कि 17 सितंबर को जारी सलाह के बावजूद भी स्थिति संतोषजनक नहीं है।
आयोग ने दोबारा से सियासी दलों को दिशा-निर्देश भेजे हैं। आयोग ने नेताओं और उनके भाषणों का गहरा अवलोकन करने के बाद यह कदम उठाया है।