दूसरे चरण के चुनाव के बाद बिहार में सियासत तेज हो गई है। एक ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेता अपनी जीत का दावा कर रहे हैं तो वहीं महागठबंधन के नेता इंडी गठबंधन की जीत का दवा कर रही। अब नेता प्रतिपक्ष ने बड़ा बयान दिया है। एनडीए द्वारा जातिवाद और परिवारवाद को खत्म करने वाले बयान पर तेजस्वी यादव ने कहा कि यह काफी हास्यापद है। दो कारण है, पहला तो उनकी सरकार बनने नहीं जा रही है। दूसरा, पहले अपने घर से तो शुरुआत करें।
एनडीए वालों का दिमाग खराब हो गया
तेजस्वी यादव ने स्पष्ट कहा कि परिवारवाद खत्म करना है तो पहले अपने दल से शुरू करें। परिवारवाद सबसे ज्यादा एनडीए में ही है। मैंने तो पूरी लिस्ट जारी कर दी थी। पहले अपने दल से शुरू करें अपने घर से शुरू करें। तय करें कि जितने भी सहयोगी घटक दल हैं उनमें परिवारवाद नहीं होगा। भाजपा वाले जितने नेता वह भी परिवारवाद वाले नहीं होंगे। असल में एनडीए वालों का दिमाग खराब हो गया क्योंकि यह लोग हार रहे हैं।
क्यों नहीं पीएम इन लोगों पर कार्रवाई कर रहे हैं?
गृह मंत्री अमित शाह के हर साल प्रधानमंत्री बदलने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि वह हार मान गए न। यानी वह मान गए कि इंडी गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। दूसरी ओर कर्नाटक में ढाई हजार बहनों के साथ शोषण हुआ। करने वाले इन्हीं के साथी थे। वह फरार होकर जर्मनी चले गए। इससे पहले महिला पहलवानों का शोषण हुआ। मणिपुर मामले तक पर प्रधानमंत्री मोदी चुप हैं अब तक। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा देने वाले पीएम मोदी दो दिन पहले वैसे लोगों का चुनाव प्रचार कर रहे थे। यह तो बलत्कारियों को बचाओ और बलात्कारियों को भगाओ वाला नारा हो गया। वो लोग इसी राह पर हैं। क्यों नहीं पीएम इन लोगों पर कार्रवाई कर रहे हैं?