ईडी ने मोहन अलंकार ज्वैलर्स एंड कंपनी से संबंधित पटना में तीन स्थानों पर छापेमारी किया जिसमें मालिक के बेटे को गिरफ्तार कर लिया। ईडी के अनुसार कोटक महिंद्रा बैंक धोखाधड़ी मामले में यह कार्रवाई कि गई है। सौरव कुमार को सीजेएम कोर्ट, पटना के समक्ष पेश किया गया, जिसमें उसको 12 जनवरी 2024 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। ईडी के अनुसार तलाशी अभियान के दौरान 1.38 करोड़ रुपये के साथ साथ विभिन्न तरह के आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किए गए हैं।
जानिए क्या है मामला
NHAI और भू अर्जन विभाग के एडमिशन रोड स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के खाते से 31.93 करोड़ का गबन हुआ था। यह मामला 2 जनवरी 2021 को सामने आया था जिसके बाद गांधी मैदान थाने में मामला दर्ज किया गया और फिर इस मामले को प्रवर्तननिदेशालय को सौंप दिया गया। बताया गया कि गबन के इस खेल में पुलिस और बैंक कर्मियों की भी मिलीभगत थी। ईडी ने कोटक महिंद्रा बैंक की बोरिंग रोड शाखा के पूर्व शाखा प्रबंधक और गबन के मुख्य साजिशकर्ता सुमित सिंह को 10 जुलाई को गिरफ्तार किया था।
तीन करोड़ का ऐसे हुआ बंदरबांट
2 जनवरी 2021 को गबन का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने 109 बैंक खाताओं को फ्रिज करवा दिया, जिसमें दो साल के अंदर 34 खातों को पुलिस की मिलीभगत से जालसाजों ने डीफ्रिज करवा दिया। और इस तरह उन 34 खाताओं से लगभग 3 करोड़ रुपयों की निकासी कर ली गई। जानकारी के मुताबिक इस घालमेल में गांधी मैदान थाने में पदस्थापित रहे दो आईओ की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
मोहन अलंकार ज्वेलर्स पर शिकंजा कसने की वजह
ED के अनुसार अब तक लेन-देन के 13 फर्जी मामले सामने आये हैं जिसमें कुल 31.93 करोड़ का गबन किया गया है। वह राशि कई ज्वेलरी व्यवसायी के खाते में भेजे गये हैं। उन स्वर्ण व्यवसायियों में सबसे ख़ास पटना के डाकबंगला चौराहा स्थित मोहन अलंकार ज्वेलर्स है जिसमें सबसे अधिक 5 करोड़ 34 लाख 51 हजार 850 रुपए भेजे गये थे।