निर्वाचन आयोग ने बिहार में ई-वोटिंग संपन्न करवा ली है। नगर निकाय चुनाव में यह सुविधा वरिष्ठ नागरिक, शारीरिक रूप से दिव्यांग, असाध्य रोग से ग्रसित, गर्भवती महिला एवं प्रवासित मजदूर मतदाताओं को प्राथमिकता के आधार पर उनके घरों से ही सुरक्षित, गोपनीय एवं सुलभतरीके से मतदान करने की सुविधा दी गई।
देश में पहली बार ई-वोटिंग प्रक्रिया संपन्न हो गई है। बिहार ऐसा कराने वाला पहला रहा बन गया। निर्वाचन आयोग ने बिहार के नगर निकाय चुनाव में इसका सफल प्रयोग भी कर लिया है। खास बात यह है कि बूथ पर हुई वोटिंग से अधिक प्रतिशत ई-वोटिंग रहा है। इस बार छह घंटे के लिए ही ई-वोटिंग की सुविधा दी गई थी। पहली ही बार में 57 प्रतिशत ऑनलाइन मतदान हुआ।
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खास बात यह है कि बिहार ही नहीं पूरे देश में सबसे पहले ई-वोटिंग एक महिला ने किया। विभा कुमारी देश की पहली महिला हैं जिन्होंने पहली बार एप के जरिए मतदान किया। वह पूर्वी चंपारण जिले के पकड़ीदयाल के वार्ड नंबर आठ की निवासी हैं। वहीं पूर्वी चंपारण के ही मुन्ना कुमार ने देश के पहले ऐसे पुरुष मतदाता हैं, जिन्होंने पहली बार ई-वोटिंग किया है। इन्होंने भी ऑनलाइन मतदान के लिए निबंधन करवाया था। इसके बाद एप के जरिए ई-वोटिंग की। निर्वाचन आयोग ने कहा कि पहली बार प्रयोग हो रहे 'ई-वोटिंग' प्रणाली से 40280 मतदाताओं ने सफलतापूर्वक अपना पंजीकरण कराया है। वह पहली बार ई-वोटिंग 'SECBHR' और ई-वोटिंग SECBIHAR मोबाइल एप के माध्यम से घर बैठे मतदान किया।
ई-वोटिंग सिस्टम की खासियत
यह नया ई-वोटिंग सिस्टम ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और फेस रिकग्निशन जैसे अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित है, जो मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाता है। यह सुविधा मुख्य रूप से वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, प्रवासी मतदाता जो मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते के लिए है। वोटर e-SECBHR मोबाइल एप या राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के माध्यम से मतदान कर सकते हैं।
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सुरक्षा के लिए अपनाए गए उपाय
एक मोबाइल नंबर से अधिकतम दो पंजीकृत वोटर ही लॉगिन कर सकते हैं।
वोट डालने से पहले फेस स्कैनिंग और वोटर आईडी से मिलान किया जाएगा।
पूरी वोटिंग प्रक्रिया ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए सुरक्षित और हैक-प्रूफ बनाई गई है।
दो अलग-अलग मोबाइल एप विकसित किए गए
निर्वाचन आयोग ने बताया कि नगरपालिका आम निर्वाचन एवं उप निर्वाचन 2025 के लिए दो अलग-अलग मोबाइल एप विकसित किए गए। पहले में नगरपालिका आम निर्वाचन 2025 के लिए तीन जिलों के छह नगर पंचायतो में तीनों पदों (मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद एवं वार्ड पार्षद) के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विकसित "eVoting SECBHR" एप निर्धारित है वहीं दूसरे में नगरपालिका उप निर्वाचन 2025 के लिए कुल पांच जिलों के छह नगरपालिकाओं के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विकसित eVoting (SECBIHAR) एप निर्धारित है। आयोग का दावा है कि इन दोनों एप को उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया गया है ताकि मतदाता आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना मतदान कर पाएं।