दिल्ली में पांच साल की मासूम से बलात्कार के दूसरे आरोपी प्रदीप ने एक अहम खुलासा किया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदीप ने बताया कि उसने मुनिया को 10 रुपये दिए और बिस्किट के बहाने घर के भीतर ले गया और बारी-बारी से दोनों ने उसके साथ उससे दुष्कर्म किया।
इस घिनौनी मंशा को पूरा करने के बाद प्रदीप ने ही 'मुनिया' को जान से मारने की कोशिश भी की थी।
इससे पहले पांच साल की मासूम से बलात्कार के दूसरे आरोपी प्रदीप को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस की टीम ने बिहार पुलिस स्पेशल टास्क फोर्स के सहयोग से उसे गिरफ्तार किया।
प्रदीप कुमार को लखीसराय चीफ ज्यूडिसियल मजिस्ट्रेट विष्णु देव उपाध्याय के सामने पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने उसे 15 दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया।
लखीसराय के सुप्रिटेंडेंट राजीव मेहरा ने बताया कि प्रदीप कुमार ने अपना जुर्म कबूल लिया है।
इससे पहले एक और आरोपी मनोज को भी पुलिस ने 18 अप्रैल की रात को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया था।
दिल्ली पुलिस ने रविवार को गुपचुप तरीके से मनोज को कड़कड़डूमा अदालत के ड्यूटी एमएम संजीव कुमार की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को चार मई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
गुस्सा
मासूम को इंसाफ दिलाने के लिए सड़कों पर उतरे देश भर के लोगों का गुस्सा रविवार को सातवें आसमान पर रहा, लेकिन हर कहीं इस गुस्से पर राजनीति का रंग भी चढ़ता नजर आया।
राजधानी में भीषण गर्मी की परवाह न करते हुए भारी तादाद में महिलाओं और लड़कियों समेत आम जन और विपक्षी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता केंद्र तथा दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे।
प्रदर्शन
भाजपा और आप के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के निवास के बाहर और एम्स तथा पुलिस मुख्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी बलात्कारी मनोज को फांसी देने और मामले में हुए विलंब की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे।
सोनिया गांधी द्वारा शनिवार को ‘सिर्फ बातें नहीं काम भी’ करने के सख्त निर्देश और प्रधानमंत्री द्वारा नाराजगी जताए जाने से जागे गृह मंत्रालय ने रविवार को दिल्ली पुलिस को झकझोरा।
जवाब दो
सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस ने मासूम से हुई दरिंदगी की घटना के अतिरिक्त राजधानी से गायब बच्चियों के संबंध समेत अपराध के सात मुद्दों पर 24 घंटे में विस्तृत जवाब मांगा है।
माना जा रहा है कि इस घटना पर मंगलवार को संसद में जवाब देने से पहले गृह मंत्री दिल्ली पुलिस के कई अधिकारियों पर गाज गिरा सकते हैं।
गृह मंत्रालय पर दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार के खिलाफ कार्रवाई का भारी दबाव है। सभी विरोधी राजनीतिक दल कुमार को हटाए जाने की मांग कर रहे हैं।
बंद करो राजनीति
रविवार के प्रदर्शन में सबका गुस्सा और तेज नजर आया। भाजपा सहित विपक्षी दलों ने सोमवार से शुरू हो रहे संसद सत्र में दोनों सदनों में यह मामला उठाने की घोषणा की है।
वहीं कांग्रेस महामंत्री दिग्विजय सिंह ने रविवार को सुषमा स्वराज पर हमला किया और कहा कि उन्हें पांच साल की मामले में राजनीति करना बंद करना चाहिए।
स्वराज ने शनिवार को कहा था कि बच्चों के साथ रेप के मामले में बलात्कारी को फांसी दी जानी चाहिए।