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गोपालगंज के दीपक लेह में शहीद: NSG कैंप जाते समय कमांडो की गाड़ी बर्फबारी में फिसली

Wed, 04 Jan 2023 07:26 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज

सार

एनएसजी कमांडो दीपक की गाड़ी बुधवार सुबह लद्दाख के लेह में बर्फबारी में फंसी और फिर ऐसी फिसली कि उनकी जान चली गई। बिहार के गोपालगंज निवासी शहीद दीपक का पार्थिव शरीर गुरुवार को पैतृक गांव लाया जाएगा और यहीं सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की जाएगी।
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गोपालगंज निवासी एनएसजी कमांडो दीपक कुमार सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दुरूह परिस्थितियों में ड्यूटी करना कितना जानलेवा है, यह गोपालगंज के भड़कुइयां निवासी प्रह्लाद सिंह या उनके परिवार के बाकी सदस्यों को अंदाजा नहीं होगा। सिर्फ प्रह्लाद सिंह के मंझले बेटे दीपक कुमार सिंह को यह पता था। अब यह पूरे घर को पता चल गया। और, इसी के साथ परिवार के हर सदस्य का जीवन दुरूह हो गया, क्योंकि दीपक उन्हीं परिस्थितियों में देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए। बरौली थाना क्षेत्र के भड़कुइयां निवासी दीपक नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के कमांडो थे। एनएसजी कमांडो को ब्लैक कैट्स भी कहा जाता है। यह गृह मंत्रालय के अंतर्गत आतंकवाद के खिलाफ काम करने वाली यूनिट है। एनएसजी कमांडो दीपक की गाड़ी बुधवार सुबह लद्दाख के लेह में बर्फबारी में फंसी और फिर ऐसी फिसली कि उनकी जान चली गई। शहीद दीपक का पार्थिव शरीर गुरुवार को पैतृक गांव लाया जाएगा और यहीं सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की जाएगी। 

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गांव-जिले के लोग खबर सुनकर सन्न रह गए
दीपक के शहीद होने की खबर सुनकर पूरा इलाका स्तब्ध रह गया। इस घटना की सूचना पर किसी को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि देश का जवान अब उनके बीच नहीं रहा। जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह लगभग 9 बजे दीपक कुमार सिंह स्वयं गाड़ी चला रहे थे, जब यह हादसा हुआ। वह कुछ अन्य कमांडो के साथ ट्रेनिंग कैम्प जा रहे थे। अचानक उनकी गाड़ी भीषण बर्फबारी में फिसल कर गहरे ढलान में गिर पड़ी। दीपक कुमार सिंह की मौत तत्काल हो गई, जबकि उनके अन्य चार साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। 

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गोपालगंज निवासी एनएसजी कमांडो दीपक कुमार सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
एक महीने पहले ही लेह में लगी थी ड्यूटी
घटना की सूचना लेफ्टिनेंट परवीन डोगरा ने दीपक के पिता को दी। बेटे की मौत की खबर मिलने पर वह कुछ देर तक अवाक रह गए। विश्वास ही नहीं हुआ कि उनका मंझला बेटा, जो देश की सेवा करने के जज्बे के साथ करीब एक माह पहले लेह में अपनी ड्यूटी पर गया था, शहीद हो गया। जिस बेटे को दो महीने बाद ही प्रमोशन मिलने वाला था, वह अचानक चला जाएगा। परिजनों के मुताबिक गुरुवार को उनका पार्थिक शरीर गोपालगंज आएगा और यहीं सलामी के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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