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Waqf Amendment: विरोध में सड़कों पर उतरीं मुस्लिम महिलाएं, डिप्टी मेयर बोलीं- सरकार मुसलमानों को टारगेट कर रही

Sat, 12 Apr 2025 05:31 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा

सार

Waqf Amendment Act Protest: डिप्टी मेयर नाजिया ने कहा कि यह कानून मुसलमानों की धार्मिक आजादी में दखल है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियां समुदाय के विकास और जरूरतमंदों की मदद के लिए होती हैं, लेकिन सरकार अब उन्हें अपने कब्जे में लेना चाहती है।
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दरभंगा में वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ सड़क पर उतरीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन बिल के विरोध में शनिवार को दरभंगा की सड़कों पर जबरदस्त प्रदर्शन हुआ। मदरसा हमीदिया किलाघाट से लेकर लहेरियासराय तक हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय की महिलाएं और पुरुष सड़कों पर उतर आए। बैनर और पोस्टर थामे प्रदर्शनकारी नए कानून को काला कानून बताते हुए सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग कर रहे थे।

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प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेत्री और दरभंगा नगर निगम की डिप्टी मेयर नाजिया ने किया। उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार लगातार मुसलमानों को टारगेट कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले CAA और NRC, फिर तीन तलाक और अब वक्फ संशोधन कानून। हर बार मुसलमानों की धार्मिक, सामाजिक और संवैधानिक आजादी को सीमित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कानून मुसलमानों की संपत्ति और वक्फ की जमीनों पर कब्जे का रास्ता खोलता है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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‘यह संविधान से छेड़छाड़ है, मुसलमान इसे नहीं स्वीकारेंगे’
डिप्टी मेयर नाजिया ने प्रदर्शन के दौरान दिए गए अपने भाषण में कहा कि यह कानून मुसलमानों की धार्मिक आजादी में दखल है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियां समुदाय के विकास और जरूरतमंदों की मदद के लिए होती हैं, लेकिन सरकार अब उन्हें अपने कब्जे में लेना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो CAA और NRC की तरह बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। महिलाएं अनिश्चितकालीन धरना तक के लिए तैयार हैं।
 
जुलूस में पुरुषों के साथ महिलाएं भी बड़ी संख्या में रहीं शामिल
इस विरोध मार्च की खास बात यह रही कि इसमें मुस्लिम महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई। सभी ने एक सुर में वक्फ कानून को ‘काला कानून’ बताया और इसे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ एक साजिश करार दिया। सड़कों पर उतरीं महिलाएं सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रही थीं और उनकी मांग थी कि इस कानून को तुरंत रद्द किया जाए।

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‘सरकार की नीयत पर सवाल, शरियत में दखल बर्दाश्त नहीं’
इस विरोध जुलूस के संयोजक नफीसुल हक रिंकू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह कानून मुसलमानों की जमीनें हड़पने की साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर शरियत में हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकार ने इस बिल को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में फैलाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने दरभंगा जिला मुख्यालय पहुंचकर एक जनसभा का आयोजन किया, जहां वक्ताओं ने विस्तार से वक्फ कानून की खामियों को गिनाया और इसके प्रभाव से मुस्लिम समाज को होने वाले नुकसान की जानकारी दी।

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‘मुसलमानों को परेशान करने की साजिश अब नहीं चलेगी’
प्रदर्शन के दौरान बार-बार यह बात दोहराई गई कि देश का मुसलमान अब चुप नहीं बैठेगा। हर उस कानून का विरोध करेगा, जो उसकी धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक स्वतंत्रता को प्रभावित करता हो। डिप्टी मेयर ने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि अस्तित्व और अधिकार का प्रश्न है। इस विरोध प्रदर्शन ने दरभंगा ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में वक्फ कानून के खिलाफ एक नए आंदोलन की जमीन तैयार कर दी है। प्रदर्शनकारियों ने चेताया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो ये विरोध अब रुकने वाला नहीं है।s

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