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Bihar News: सरकारी नौकरी का झांसा, रातों-रात पुलिस का बड़ा एक्शन! समस्तीपुर में 100 युवक-युवतियां रेस्क्यू

Thu, 18 Jun 2026 04:08 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर

सार

समस्तीपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे कथित ठगी और नेटवर्किंग रैकेट का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मूसापुर स्थित एक किराए के मकान पर देर रात छापेमारी कर करीब 100 युवक-युवतियों को मुक्त कराया गया।
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थाने पर मौजूद सभी युवक युवतियों - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के समस्तीपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे कथित ठगी और नेटवर्किंग रैकेट का पुलिस ने बड़ा भंडाफोड़ किया है। आधी रात हुई कार्रवाई में पुलिस ने करीब 100 युवक-युवतियों को एक किराए के मकान से मुक्त कराया है। शुरुआती जांच में मामला कई राज्यों तक फैला हुआ बताया जा रहा है।
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नौकरी दिलाने के नाम पर वसूले जा रहे थे पैसे

जानकारी के अनुसार, लीड विजन ट्रेडिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और गैलवे कंपनी के नाम पर युवाओं को शिक्षा विभाग, कृषि विभाग समेत कई सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जा रहा था। इसके बदले प्रत्येक युवक-युवती से करीब 25 हजार रुपये वसूले जा रहे थे।

ट्रेनिंग के नाम पर बनाया जा रहा था नेटवर्क

बताया जा रहा है कि नौकरी देने से पहले युवाओं को ट्रेनिंग के नाम पर नेटवर्किंग सिस्टम का हिस्सा बनाया जाता था। उन्हें तेल, साबुन, फेस क्रीम और अन्य उत्पाद दिए जाते थे ताकि कंपनी की गतिविधियों को वैध और भरोसेमंद दिखाया जा सके। मामले की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए सामने आने के बाद समस्तीपुर पुलिस सक्रिय हुई। बुधवार देर रात चाइल्ड केयर साइबर थाना और मुफस्सिल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मूसापुर स्थित एक निजी मकान में छापेमारी की।
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छापेमारी में 100 युवक-युवतियां बरामद

पुलिस कार्रवाई के दौरान लगभग 100 युवक-युवतियों को वहां से निकालकर सुरक्षित थाना लाया गया। सभी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उन्हें किस तरह इस नेटवर्क से जोड़ा गया था।

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कई राज्यों तक फैला हो सकता है रैकेट

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। सूत्रों का दावा है कि इस कथित रैकेट का नेटवर्क बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है।
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प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के संचालन, फंडिंग और इसमें शामिल कथित प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं से कथित ठगी करने वाले इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा आने वाले दिनों में हो सकता है। समस्तीपुर की यह कार्रवाई राज्य में चल रहे ऐसे नेटवर्कों पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।

 

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