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LPG Gas Booking: आपके पास भी तो नहीं आया LPG बुकिंग और डिलीवरी का ऐसा मैसेज? देखिए, कहां है खतरा

Fri, 13 Mar 2026 07:30 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर/दरभंगा

सार

Gas Booking Fraud: एलपीजी बुकिंग के नाम पर फर्जी लिंक और एडवांस पेमेंट के जरिए साइबर ठगी की कोशिशें सामने आई हैं। वहीं, गैस किल्लत की आशंका के बीच दरभंगा में सिलेंडर न मिलने पर लोगों ने सड़क जाम किया, जबकि प्रशासन ने जांच और सुरक्षा के उपाय शुरू किए हैं।
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गैस किल्लत की अफवाहों के बीच समस्तीपुर में साइबर ठग हुए एक्टिव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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समस्तीपुर में गैस की कथित किल्लत की अफवाहों के बीच साइबर ठगों ने एलपीजी बुकिंग से जुड़ा नया स्कैम शुरू कर दिया है। मोबाइल फोन पर फर्जी लिंक भेजकर और तुरंत गैस डिलीवरी का झांसा देकर लोगों से एडवांस पेमेंट लेने की कोशिश की जा रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति को लेकर आशंकाएं बढ़ी हैं। इसी माहौल में भारत में भी लोग गैस की कमी की आशंका के कारण जल्दबाजी में सिलेंडर बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

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फर्जी लिंक और एपीके फाइल भेजकर ठगी का प्रयास
उजियारपुर के मोहन चौधरी के मोबाइल पर दो घंटे के भीतर गैस डिलीवरी देने का दावा करते हुए एक लिंक भेजा गया और 500 रुपये का एडवांस भुगतान करने को कहा गया। हालांकि संदेह होने पर उन्होंने उस लिंक पर क्लिक नहीं किया। इसी तरह मोहनपुर के राम उद्गार राय के व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजकर उन्हें नया गैस कनेक्शन मुफ्त देने की बात कही गई। जब उन्होंने लिंक खोला तो उनसे बैंक खाते से जुड़ी निजी जानकारी मांगी गई। उन्होंने फॉर्म आधा भरकर छोड़ दिया, जिसके बाद साइबर बदमाशों ने फोन कर उन्हें केवल एक रुपये में गैस कनेक्शन देने का लालच दिया। इस दौरान उनके पुत्र रवि ने सावधानी बरतते हुए उस नंबर को ब्लॉक कर दिया, जिससे वे ठगी का शिकार होने से बच गए।
 
सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए लोगों को बनाया जा रहा निशाना
टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों के अनुसार जब किसी विषय को लेकर इंटरनेट पर अचानक खोज बढ़ती है तो स्कैमर्स तुरंत सक्रिय हो जाते हैं। इन दिनों गैस सिलेंडर बुकिंग से जुड़ी ऑनलाइन खोज बढ़ने के कारण साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से लोगों को निशाना बना रहे हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों पर फर्जी विज्ञापन चलाकर तत्काल गैस डिलीवरी या आपातकालीन गैस सप्लाई का दावा किया जाता है। इन विज्ञापनों को इस तरह तैयार किया जाता है कि गैस की कमी से परेशान लोग जल्दबाजी में उन पर क्लिक कर दें और ठगी का शिकार हो जाएं।
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फिशिंग लिंक से बनाई जाती है नकली वेबसाइट
इस स्कैम का सबसे खतरनाक हिस्सा फिशिंग लिंक से जुड़ा है। ठग एसएमएस या व्हाट्सएप के जरिए एक लिंक भेजते हैं, जिस पर क्लिक करने पर एक वेबसाइट खुलती है। यह वेबसाइट देखने में बिल्कुल असली गैस एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट जैसी लगती है। वहां उपयोगकर्ताओं को जल्द गैस डिलीवरी का भरोसा दिलाकर ऑनलाइन एडवांस भुगतान करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति यूपीआई या कार्ड के माध्यम से भुगतान करता है, ठग संपर्क तोड़ देते हैं और उपभोक्ता को न तो गैस सिलेंडर मिलता है और न ही भुगतान की गई राशि वापस मिलती है।

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गैस किल्लत की अफवाहों के बीच समस्तीपुर में साइबर ठग हुए एक्टिव
साइबर पुलिस ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह
साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक ने इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की बुकिंग हमेशा संबंधित गैस कंपनी के आधिकारिक मोबाइल एप या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही करनी चाहिए। व्हाट्सएप या एसएमएस पर आए किसी भी अनजान लिंक से गैस बुकिंग या भुगतान नहीं करना चाहिए। इसके अलावा किसी भी वेबसाइट या अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाता नंबर या डेबिट-क्रेडिट कार्ड की जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
 
फर्जी भुगतान होने पर तुरंत करें शिकायत
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आधिकारिक गैस एजेंसियां ग्राहकों को अनजान लिंक भेजकर एडवांस भुगतान की मांग नहीं करती हैं। यदि किसी व्यक्ति ने गलती से फर्जी लिंक पर भुगतान कर दिया है तो घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी जा सकती है। इसके अलावा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
 
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सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला
सिलेंडर नहीं मिलने से दरभंगा में सड़क जाम
दरभंगा जिले में गैस सिलेंडर की कमी को लेकर उपभोक्ताओं में असंतोष भी देखने को मिला। खाड़ी देशों के बीच चल रहे युद्ध की खबरों के बाद गैस की किल्लत की आशंका से लोग सुबह से ही एजेंसियों और गोदामों के चक्कर लगा रहे हैं। शुक्रवार को सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने लहेरियासराय थाना क्षेत्र के नाका नंबर 6 पर सड़क जाम कर प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान लोगों का आरोप था कि नंबर लगने के बाद भी उन्हें गैस नहीं दी जा रही है।

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प्रशासन ने एजेंसियों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस की तैनाती की
स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी कौशल कुमार ने शुक्रवार से सभी गैस एजेंसियों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती के साथ पुलिस ड्यूटी लगाने का आदेश दिया है। इसके बावजूद लोग सिलेंडर लेने के लिए लगातार गोदामों के चक्कर लगा रहे हैं। शुक्रवार को अलविदा की नमाज के दिन भी कई लोग सिलेंडर के लिए सड़क पर प्रदर्शन करते नजर आए।


 
डीएमसीएच कैंटीन को मिली सीमित राहत
इस बीच डीएमसीएच में संचालित जीविका कैंटीन को चार कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति होने से कुछ राहत मिली है। कैंटीन के मैनेजर अभिषेक मिश्रा ने बताया कि उनके पास केवल एक सिलेंडर बचा था और वे लगातार आपूर्ति के लिए प्रयास कर रहे थे। उन्होंने बताया कि फिलहाल मरीजों और उनके परिजनों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए मेन्यू में कटौती की गई है। साथ ही डीएमसीएच के अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्रा को पत्र लिखकर पुराना गायनिक विभाग के पास खाली पड़े शेड को कुछ समय के लिए उपयोग करने की अनुमति मांगी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर कोयला या लकड़ी पर खाना बनाया जा सके।
 
जाम हटाने के लिए पुलिस ने लोगों को समझाया
सड़क जाम की सूचना मिलने पर लहेरियासराय थानाध्यक्ष अमित कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की और कहा कि बिना सूचना के सड़क जाम करना उचित नहीं है। इस दौरान वहां मौजूद महिलाओं ने कहा कि वे केवल एक सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान होकर सड़क पर उतरी हैं और प्रशासन से समाधान की मांग कर रही हैं।

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