फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: क्या यही है विकास? 9.72 लाख का नाला बना आफत, सड़क पर घुटनों तक भरा पानी; जिम्मेदारों ने साधी चुप्पी

Wed, 06 May 2026 06:02 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधुबनी

सार

Bihar News: मधुबनी के जिरौल गांव में 9.72 लाख की लागत से बना नाला सड़क से ऊंचा होने के कारण जलभराव का कारण बन गया। हल्की बारिश में ही सड़क डूब गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और जांच की मांग की। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
सड़क पर जलभराव से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार के मधुबनी जिले में विकास कार्यों में अनियमितता का एक ताजा मामला सामने आया है, जहां लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया नाला ग्रामीणों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी का कारण बन गया है। हरलाखी प्रखंड के बौरहर पंचायत के जिरौल गांव में करीब 9 लाख 72 हजार रुपये की लागत से बने नाले ने पहली ही बारिश में अपनी खामियां उजागर कर दीं।
विज्ञापन


नाले का निर्माण सड़क के स्तर से ऊंचा किया
ग्रामीणों का आरोप है कि नाले का निर्माण सड़क के स्तर से ऊंचा कर दिया गया, जिससे पानी की निकासी बाधित हो गई। नतीजतन हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया। इससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोग मजबूरी में पानी से होकर गुजरने को विवश हैं।

जल निकासी बनी समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य बिना तकनीकी देखरेख और मानकों की अनदेखी करते हुए किया गया है। यही वजह है कि नाला बनने के बावजूद जल निकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने इसे सीधा-सीधा सरकारी धन की बर्बादी और भ्रष्टाचार का मामला बताया है।
विज्ञापन


ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
इस स्थिति से नाराज होकर दर्जनों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने स्थानीय मुखिया रेखा देवी और ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में कमीशनखोरी हुई है और घटिया गुणवत्ता का इस्तेमाल किया गया है, जिससे लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद कोई लाभ नहीं मिल रहा।

ये भी पढ़ें-  Bihar: नए चेहरे को भी मौका देगी भाजपा, नीतीश, चिराग, मांझी और कुशवाहा की पार्टी से कितने मंत्री बन रहे?

प्रदर्शन में शामिल विनोद यादव, शिव यादव, रामपुकार यादव, श्याम सुंदर यादव, मनोज साह, गोपाल यादव, फूलो देवी और मीरा देवी समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द ही नाले की मरम्मत कर जल निकासी की व्यवस्था ठीक नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और प्रखंड मुख्यालय का घेराव करेंगे।
विज्ञापन


ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी और जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही सिर्फ जिरौल गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के अन्य इलाकों में भी इसी तरह के निर्माण कार्यों में गड़बड़ी देखने को मिल रही है, जहां ठेकेदार अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें