पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को लेकर समस्तीपुर जिले के सरायरंजन में चल रहा विरोध अब सड़क से राजधानी तक पहुंचने वाला है। रविवार को केदार संत रामाश्रय महाविद्यालय, सरायरंजन परिसर से ‘कॉलेज बचाओ, घर बचाओ’ की मांग को लेकर सैकड़ों लोग हाथों में काले झंडे लेकर 100 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकल पड़े।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित एलाइनमेंट से KSR कॉलेज की तीन एकड़ जमीन, पुराने भवन, खेल मैदान और सैकड़ों घर-दुकान प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, NHAI एलाइनमेंट में बदलाव के आरोपों को खारिज कर चुका है। ऐसे में अब यह विवाद स्थानीय विरोध से निकलकर सीधे सरकार के दरवाजे तक पहुंच गया है।
तीन दिन में ये दल पहुंचेगा पटना
रविवार को केदार संत रामाश्रय महाविद्यालय, सरायरंजन परिसर से पदयात्रा शुरू हुई। आंदोलनकारियों के मुताबिक, पहले दिन महुआ, दूसरे दिन हाजीपुर और तीसरे दिन पटना पहुंचने का कार्यक्रम है। करीब 100 किलोमीटर की इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हैं। पटना पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रदेश अध्यक्षों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा।
‘विकास का स्वागत है, लेकिन कॉलेज और घर उजाड़कर नहीं’
48 से 53 किलोमीटर के बीच एलाइनमेंट पर सबसे ज्यादा सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक्सप्रेसवे के 48वें से 53वें किलोमीटर के बीच प्रस्तावित मार्ग को लेकर सबसे अधिक सवाल हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरायरंजन के पास मार्ग को झखरा की ओर घुमाए जाने से सरायरंजन बाजार, ककिलपुर और झखरा क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। आंदोलनकारियों का दावा है कि 150 से अधिक घर और दुकानें प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, KSR कॉलेज की जमीन और खेल मैदान को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
मूल और वर्तमान एलाइनमेंट सार्वजनिक करने की मांग
आंदोलनकारियों ने मांग की है कि पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के मूल स्वीकृत एलाइनमेंट और वर्तमान भूमि अधिग्रहण वाले मार्ग का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि पहले स्वीकृत रूट और मौजूदा रूट में कोई अंतर है या नहीं।
कुणाल कुमार ने कहा कि इस मामले में सरकार और संबंधित एजेंसियों को स्थानीय लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक लोगों की शंकाओं का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
NHAI का दावा- एलाइनमेंट में नहीं हुआ बदलाव
हालांकि, स्थानीय लोगों के आरोपों से NHAI का पक्ष अलग है। NHAI पहले ही एलाइनमेंट बदलने से संबंधित खबरों को गलत और भ्रामक बता चुका है। प्राधिकरण के अनुसार, 15 जनवरी 2025 को स्वीकृत एलाइनमेंट के आधार पर ही भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है और 48 से 53 किलोमीटर के बीच एलाइनमेंट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। NHAI के अनुसार, KSR कॉलेज का मुख्य भवन परियोजना से प्रभावित नहीं हो रहा है, जबकि कॉलेज की कुछ जमीन अधिग्रहण के दायरे में आ रही है। प्राधिकरण ने स्वीकृत एलाइनमेंट से करीब 92 आवासीय एवं व्यावसायिक संरचनाओं के प्रभावित होने की बात कही है।
इस तरह एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को लेकर स्थानीय लोगों और NHAI के दावे आमने-सामने हैं। यानी एक तरफ स्थानीय लोगों का दावा है कि एलाइनमेंट में बदलाव से कॉलेज और बड़ी आबादी प्रभावित हो रही है, जबकि दूसरी तरफ NHAI एलाइनमेंट बदलने के आरोप को खारिज कर रहा है। अब इसी विवाद को लेकर सरायरंजन से पटना तक पदयात्रा शुरू की गई है।
राज्यपाल से लेकर सभी प्रमुख दलों के अध्यक्ष तक पहुंचाएंगे आवाज
कुणाल कुमार ने कहा कि पटना पहुंचने के बाद राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रदेश अध्यक्षों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से KSR कॉलेज, खेल मैदान और प्रभावित होने वाली आबादी को बचाने के लिए एलाइनमेंट पर पुनर्विचार की मांग रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि हम विकास के विरोधी नहीं हैं। हमारी लड़ाई सिर्फ इतनी है कि विकास की परियोजना में KSR कॉलेज, उसका खेल मैदान और वर्षों से बसे लोगों के घर-दुकान उजड़ने से बचें। सरकार को हमारी बात गंभीरता से सुननी चाहिए।
एलाइनमेंट नहीं बदला तो पटना में उग्र आंदोलन की चेतावनी
पदयात्रा के नेतृत्वकर्ता कुणाल कुमार ने आंदोलन को आगे और तेज करने की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि लोगों की मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और एलाइनमेंट में आवश्यक बदलाव नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के अध्यक्षों से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद भी अगर संरेखण में बदलाव नहीं किया गया तो पटना को जाम कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
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अब सरायरंजन की लड़ाई पहुंचेगी राजधानी
सरायरंजन में जून से चल रहा एलाइनमेंट विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। एक ओर स्थानीय लोग कॉलेज और आबादी बचाने के लिए 100 किलोमीटर पैदल पटना जा रहे हैं, वहीं NHAI एलाइनमेंट में किसी बदलाव से इनकार कर रहा है।
ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं के सामने ज्ञापन सौंपे जाने के बाद सरकार इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है। यदि बातचीत से समाधान नहीं निकला तो आंदोलन के और उग्र होने की चेतावनी प्रशासन के सामने भी नई चुनौती खड़ी कर सकती है।
फिलहाल, सरायरंजन से शुरू हुई 100 किलोमीटर की यह पदयात्रा पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को लेकर चल रहे विवाद को नई दिशा देती नजर आ रही है। अब देखना होगा कि पटना पहुंचने के बाद आंदोलनकारियों की सरकार और राजनीतिक दलों के नेताओं से होने वाली मुलाकात के बाद इस विवाद का क्या समाधान निकलता है।
समस्तीपुर जिले के केएसआर कॉलेज,सरायरंजन को बचाने के लिए पटना के लिए निकला पदयात्रा फोटो : Amar
समस्तीपुर जिले के केएसआर कॉलेज,सरायरंजन को बचाने के लिए पटना के लिए निकला पदयात्रा फोटो : Amar
समस्तीपुर जिले के केएसआर कॉलेज,सरायरंजन को बचाने के लिए पटना के लिए निकला पदयात्रा फोटो : Amar