सिलेंडर लेकर कतार में खड़े उपभोक्ता
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दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में सिलेंडर की कमी के कारण बीती रात से मरीजों को रात के भोजन में रोटी नहीं मिल रही है। अस्पताल में जीविका समूह द्वारा मरीजों के लिए भोजन वितरण का काम किया जाता है। जिलाधिकारी के मुताबिक, अस्पताल में कुल 1500-1600 मरीजों के लिए दिन में दो बार खाना बनाया जाता है। दिन के भोजन में भात-दाल-सब्जी परोसी जाती है और रात में रोटी-सब्जी। लेकिन बुधवार रात से रोटी देना बंद कर दिया गया है।
जीविका प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. ऋचा गार्गी ने बताया कि केवल तीन सिलेंडर स्टॉक में बचा हैं, जिससे भोजन तैयार करने में संकट पैदा हो सकता है। कैंटीन मैनेजर अभिषेक मिश्रा ने कहा कि रोटी बनाने में गैस की खपत अधिक होती है। इसलिए मरीजों को दोनों समय भात-दाल-सब्जी दिया जा रहा है।
प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था
डीएमसीएच के डीपीएम ने कहा कि जीविका समूह की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है ताकि मरीजों को भोजन मिलना जारी रहे। जिला प्रशासन को भी जानकारी दे दी गई है। दरभंगा में रसोई गैस की कमी लगातार बढ़ती जा रही है। गोदावरी गैस सर्विस के गोदाम पर लंबी कतारें लगी हुई हैं। उपभोक्ता सोनू कुमार ने बताया कि उन्होंने पांच दिन पहले सिलेंडर के लिए आवेदन किया था, लेकिन चार अंकों वाला DAC नंबर अब मान्य नहीं है और छह अंकों वाले नंबर की मांग की जा रही है।
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सदर एसडीओ का निर्देश
सदर एसडीओ विकास कुमार ने कहा कि सिलेंडर के लिए थोड़ी देर इंतजार करें। घर तक वेंडर द्वारा सिलेंडर की डिलेवरी की जाएगी। उपभोक्ताओं को गोदाम पर सिलेंडर लेने के लिए छह अंकों वाला DAC नंबर लेकर जाना होगा। सभी थानाध्यक्षों को एजेंसी और गोदाम की मॉनिटरिंग का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर पुलिस की निगरानी में सिलेंडर वितरण किया जाएगा।