दरभंगा व्यवहार न्यायालय के एससी/एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश शैलेन्द्र कुमार की अदालत ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की एक छात्रा की हत्या के मामले में आरोपी महिला वार्डेन को कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी रेखा सिन्हा को आजीवन सश्रम कारावास की सजा दी है।
15 सितंबर 2024 की है घटना
अभियोजन के अनुसार, घटना 15 सितंबर 2024 की है, जब कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में रह रही सातवीं कक्षा की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि वार्डेन के पर्स से एक हजार रुपये गायब हो गए थे, जो बाद में छात्रा के पास से बरामद हुए। इसी बात से नाराज होकर वार्डेन ने पूछताछ के दौरान छात्रा का गला दबाकर हत्या कर दी।
कोर्ट ने इन आरोपों के आधार पर सुनाई सजा
मामले में मृतका के पिता ने बहेड़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच और सुनवाई के दौरान आईओ, डॉक्टर समेत कुल छह गवाहों की गवाही कराई गई। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 10 मार्च को ही आरोपी को दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) के तहत आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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कोर्ट ने 17 माह में सुनाई सजा
विशेष लोक अभियोजक संजीव कुमार कुंवर ने बताया कि अदालत ने महज एक वर्ष पांच माह के भीतर मामले की सुनवाई पूरी कर दोषी को सजा सुनाई, जो न्यायिक प्रक्रिया की तेजी को दर्शाता है।