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बिहार: यहां प्रसूता की मौत के बाद बवाल, अपेक्स अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद पथराव; दो बार एनएच-27 किया जाम

Sat, 05 Sep 2026 09:48 AM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधुबनी

सार

मधुबनी के झंझारपुर में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने दो बार एनएच-27 जाम कर दिया। अस्पताल में तोड़फोड़ और पथराव के बाद स्टाफ फरार हो गया। पोस्टमार्टम के बाद शव अस्पताल के सामने रखकर परिजन पहले चार लाख और बाद में पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग पर अड़ गए हैं 
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अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद आक्रोशित परिजन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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मधुबनी जिले के झंझारपुर थाना क्षेत्र के मोहना स्थित कथित अपेक्स अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद भारी हंगामा मचा हुआ है। ऑपरेशन के बाद महिला की मौत से भड़के परिजनों और ग्रामीणों ने दो बार एनएच-27 को जाम कर दिया। इस दौरान अस्पताल में जमकर तोड़फोड़, पथराव और कारपेंटर की पिटाई की गई, जिसके बाद अस्पताल का पूरा स्टाफ फरार हो गया। मृतका की पहचान मोहना गांव निवासी ललन सदाय की पत्नी गुड़िया देवी के रूप में हुई है।
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परिजनों के अनुसार, बुधवार को गुड़िया देवी का ऑपरेशन किया गया था और बच्चा भी हुआ, लेकिन आरोप है कि गलत ऑपरेशन के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए गुरुवार को उसे दरभंगा के अस्पताल में रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अस्पताल पर हमला
मौत की खबर मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण अपेक्स अस्पताल पहुंच गए और एनएच-27 को जाम कर दिया। झंझारपुर अनुमंडल के सभी थानों से सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस बल को बुलाया गया। पुलिस-प्रशासन ने समझा-बुझाकर जाम हटवाया, लेकिन आरोप है कि रात करीब 11 बजे दरभंगा से शव चुपके से घर भेज दिया गया। इससे गुस्साए ग्रामीण दोबारा अस्पताल पहुंचे और जमकर तोड़फोड़ की। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव मोहना गांव लाया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने शव को अस्पताल के सामने रखकर मुआवजे की मांग शुरू कर दी। परिजन चार लाख रुपये नकद या सीधे बैंक खाते में देने की मांग पर अड़े रहे। अस्पताल प्रबंधन चेक देने को तैयार था, लेकिन सहमति नहीं बन पाई।
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थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कई दौर की वार्ता के बाद भी मामला नहीं सुलझ सका। देर शाम तक मामले को सुलझाने के लिए बातचीत चलती रही। बाद में परिजनों द्वारा पांच लाख रुपये की मांग की जाने लगी और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। अब देखना है कि प्रशासन की ओर से अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
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