समस्तीपुर के हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के बिथान गांधी मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लालू यादव के परिवार पर निशाना साधा।
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर 'बिहार बदलाव यात्रा' के तहत समस्तीपुर जिले के हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के बिथान स्थित गांधी मैदान में आयोजित बिहार बदलाव सभा को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद प्रमुख लालू यादव के परिवार पर निशाना साधा।
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प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोगों ने पीएम मोदी को मंदिर और नीतीश कुमार को जाति के नाम पर वोट दिया, लेकिन इसके बावजूद युवा बेरोजगार हैं। उन्होंने बताया कि बिहार के कई युवा इंटर, ग्रेजुएशन पास होने के बावजूद नौकरी नहीं पा रहे हैं और गुजरात-महाराष्ट्र में मजदूरी करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि लोग 56 इंच सीना दिखाने के लिए वोट देते हैं, लेकिन उनके अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। उनके अनुसार, कोई नेता आपके बच्चों की चिंता नहीं करेगा, इसलिए लोगों को अपने बच्चों के भविष्य के लिए ही निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने लालू परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि लालू जी का बेटा 9वीं पास भी नहीं है, लेकिन सत्ता चाहता है, जबकि बिहार के पढ़े-लिखे बच्चे नौकरी नहीं पा रहे। इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने समस्तीपुर की जनता को बड़े वादे किए। उन्होंने कहा कि अगर जन सुराज की व्यवस्था वाली सरकार बनी तो छठ के बाद बिहार के युवाओं को मजदूरी करने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें यहीं बिहार में ही 10-12 हजार रुपये का रोजगार मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दिसंबर 2025 से 60 साल से अधिक उम्र के पुरुष और महिला को 2000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। इसके अलावा, जब तक सरकारी विद्यालयों में सुधार नहीं होगा, 15 साल से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने और उनकी फीस भरने की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी ताकि गरीब बच्चे भी अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ सकें।
प्रशांत किशोर ने जनता से अपील की कि अगली बार वोट अपने बच्चों के भविष्य के लिए दें और उन नेताओं को न चुनें जो केवल अपने स्वार्थ के लिए जनता के संसाधनों का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में जनता का राज स्थापित करने के लिए नेताओं के चेहरे देखकर वोट नहीं देना चाहिए, बल्कि बच्चों की शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देनी चाहिए।