लोक आस्था का महापर्व छठ खत्म होने के साथ ही घर आए प्रवासी अब अपने कामकाज पर लौटने के लिए बेताब हैं। लेकिन वापसी की राह इतनी आसान नहीं है। छठ पूजा के बाद दरभंगा से बाहर जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में भारी वेटिंग और हवाई किराया में असामान्य बढ़ोतरी ने लोगों को परेशान कर रखा है। हवाई किराया में अभूतपूर्व उछाल देखी जा रही है, जिससे दूसरे राज्य को लौटने वाले लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
हवाई किराए ने छुड़ाए पसीने
हवाई सफर पर नजर डालें तो किराए की स्थिति काफी चिंताजनक है। उदाहरण के तौर पर, दरभंगा से मुंबई के लिए 10 दिसंबर का किराया 29,000 रुपये से भी अधिक हो गया है। जबकि 11 दिसंबर का किराया 17,618 रुपये है। इसी तरह मुंबई से दरभंगा का किराया 12,678 रुपये तक पहुंच गया है। दरभंगा से दिल्ली जाने के लिए 10 दिसंबर का किराया 25,440 रुपये है। जबकि 11 दिसंबर को यह किराया 22,490 रुपये हो जाता है। दरभंगा से बेंगलुरु जाने के लिए भी 10 दिसंबर का किराया 19,955 रुपये है। इस प्रकार हवाई यात्रा के ये ऊंचे किराए परदेश लौटने वाले प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं, जिससे कई लोग मजबूर होकर ट्रेन का विकल्प तलाशने को मजबूर हैं।
ट्रेन रिजर्वेशन में लंबी वेटिंग, कन्फर्म टिकट के लिए संघर्ष
ट्रेन यात्रा का विकल्प चुनने वाले यात्रियों की भी समस्याएं कम नहीं हैं। दरभंगा से निकलने वाली हमसफर एक्सप्रेस, क्लोन एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट, शहीद एक्सप्रेस, सरयू यमुना, स्वतंत्रता सेनानी सुपरफास्ट और पवन एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में भारी भीड़ देखी जा रही है। कन्फर्म टिकट रखने वाले यात्री भी टीटीई के साथ समझौता कर किसी तरह अपनी यात्रा पूरी करने की कोशिश में हैं। वहीं, जिनके पास आरक्षण नहीं है, वे जनरल टिकट लेकर स्टेशन पर इंतजार करते हैं और जिस गाड़ी में चढ़ने का मौका मिलता है, उसमें किसी तरह सवार होकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।
दरभंगा जंक्शन पर उमड़ी भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
छठ के समापन के साथ ही दरभंगा जंक्शन पर प्रवासी मजदूरों और यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। अहले सुबह से ही सैकड़ों यात्री हमसफर, क्लोन एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट जैसी ट्रेनों में चढ़ने के लिए कतार में लगे रहते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेल प्रशासन ने आरपीएफ और जीआरपी के जवानों की पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। रेलवे प्लेटफार्म पर सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखते हुए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं ताकि यात्रियों की यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से हो सके।
परदेश लौटने की मजबूरी में उठानी पड़ रही परेशानियां
प्रवासियों का कहना है कि अगर बिहार में पर्याप्त रोजगार के अवसर होते, तो उन्हें इतनी दूर काम करने के लिए नहीं जाना पड़ता। हर साल की तरह इस बार भी प्रवासी छठ मनाने अपने घर आए थे। लेकिन अब वापसी की परेशानी ने उनके त्योहार की खुशी को कुछ हद तक फीका कर दिया है।