भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव को कोर्ट से राहत नहीं
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दरभंगा व्यवहार न्यायालय स्थित एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट के एडीजे-3 सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने अलीनगर के भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव को 27 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। यह फैसला शुक्रवार को उस समय सुनाया गया, जब विधायक अदालत में पेश हुए। अदालत ने विधायक को पहले सुनाई गई तीन महीने की सजा और ₹500 के अर्थदंड को बरकरार रखा, साथ ही उनकी अर्जी को खारिज कर दिया।
2019 के मारपीट मामले में हुई सजा
भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव को वर्ष 2019 के एक मारपीट मामले में दोषी ठहराया गया था। इस मामले में अदालत ने उन्हें तीन महीने की सजा और जुर्माने का आदेश दिया था। इसके बाद विधायक ने सजा के खिलाफ अपील की थी और उसी दौरान उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब शुक्रवार को अदालत ने उनकी हिरासत अवधि को और बढ़ाते हुए 27 मई तक जेल में रखने का आदेश दिया है।
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विधायक ने कोर्ट के आदेश को बताया सम्मानजनक
अदालत में पेशी के बाद विधायक मिश्रीलाल यादव ने कहा कि वे न्यायालय के आदेश को सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट के पुराने फैसले को बरकरार रखा गया है और हम कानून का सम्मान करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अगली सुनवाई 27 मई को होगी, जिसमें सजा के अगले चरण पर निर्णय लिया जाएगा।
विधायक की अर्जी खारिज, अपीलकर्ता ने कम सजा पर उठाया सवाल
इस मामले में वकील रेणु झा ने जानकारी देते हुए बताया कि अदालत ने दो स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पहला, विधायक को सुनाई गई तीन महीने की सजा तथा ₹500 का जुर्माना बरकरार रखा गया है। दूसरा, उनकी अपील को खारिज कर दिया गया है। वहीं, मामले के वादी उमेश मिश्र की ओर से की गई अपील में कहा गया कि धारा 323 के तहत कम सजा दी गई है। जबकि धारा 523 में आरोपी को बरी कर दिया गया, जिस पर आपत्ति दर्ज की गई है।
हो सकती है छह महीने से दो साल तक की सजा
कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान धारा 506 के अंतर्गत विधायक को आंशिक रूप से दोषी माना है। इस धारा के तहत सजा छह महीने से लेकर दो साल तक हो सकती है। अब अगली सुनवाई में अदालत तय करेगी कि मिश्रीलाल यादव को आगे कितनी सजा दी जाएगी। इस पर 27 मई को अदालत में बहस और निर्णय संभावित है।
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हाईकोर्ट में अपील का विकल्प खुला
अधिवक्ता रेणु झा ने यह भी बताया कि विधायक के पास अभी पटना उच्च न्यायालय में इस सजा के खिलाफ अपील करने का विकल्प मौजूद है। हालांकि अदालत की अगली कार्रवाई और अंतिम निर्णय के बाद ही आगे की विधिक प्रक्रिया तय होगी। इस बीच विधायक को आज शुक्रवार से जेल भेज दिया गया है और उनकी सजा की अवधि प्रभावी मानी जा रही है।