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Bihar: दो ट्रेनों में कुछ देर तक सांसें थामे रहे लोग, फिर खुश होकर देने लगे बधाइयां; क्या हुआ जानें पूरी बात

Fri, 21 Jun 2024 07:56 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा/कैमूर

सार

Children Born In Trains: दरभंगा और कैमूर में ट्रेन के अंदर महिलाओं ने नवजात बच्चों को जन्म दिया तो परिजनों की यात्रा यादगार बन गई। एक ट्रेन हावड़ा से दरभंगा आ रही थी तो दूसरी ट्रेन वाराणसी से रांची जा रही थी। इन घटनाओं की हर ओर चर्चा हो रही है। वहीं, लोग जीआरपी और आरपीएफ की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।
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दो अलग ट्रेनों में दो महिलाओं ने नवजात को दिया जन्म - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के दरभंगा निवासी दंपती की यात्रा को तेज रफ्तार ट्रेन ने न सिर्फ खुशनुमा बना दिया, बल्कि उम्र भर के लिए यादगार भी बना दिया। ट्रेन के अंदर मिली इस खुशी से न सिर्फ पूरा परिवार मुस्कुरा रहा है बल्कि महिला पुलिसकर्मी भी इस लम्हे को कैद कर लेने से पीछे नहीं हटीं। दरअसल, दरभंगा जिले के बिद्दुपुर निवासी रैयाजुद्दीन और उनकी पत्नी सायरा खातून हावड़ा स्टेशन से रक्सौल हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के एस-6 बोगी में सवार होकर दरभंगा आ रहे थे। इसी दौरान तेज दर्द उठने के बाद सायरा ने एक नवजात बच्चे को जन्म दिया, जिससे ट्रेन में सफर कर रहे लोगों में चिंता के बाद खुशी की लहर दौड़ गई।

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जानकारी के मुताबिक हावड़ा स्टेशन से ट्रेन अपने गंतव्य दरभंगा के लिए खुली। दोनों पति-पत्नी आराम से अपनी-अपनी सीट पर यात्रा कर रहे थे। ट्रेन तेज अपनी रफ्तार में थी, तभी रात के दो से तीन बजे के आसपास सायरा खातून को पेट में तेज दर्द उठा और वह चीखने-चिल्लाने लगी। उसके बाद पति यात्रा कर रहे दूसरे यात्रियों से मदद की गुहार लगाने लगा। पर उनमें से उनकी मदद के लिए कोई सामने नहीं आया। पति-पत्नी लाचार और परेशान अपनी मंजिल के लिए आगे बढ़ते रहे। इसी बीच इस ट्रेन में यात्रा कर रहे उनके रिश्तेदार मदद के लिए पास आए, जिसके बाद दोनों पति-पत्नी और रिश्तेदारों के जीवन का एक यादगार और खुशनुमा पल उस वक्त सामने आया जब दिन फटते ही राजेंद्र पुल के आसपास ट्रेन में एक किलकारी गूंजी। इससे ट्रेन का समा बदल गया। दरअसल, महिला ने चलती ट्रेन में एक सुंदर बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद परिवार के लोगों के लिए यह यात्रा न सिर्फ यादगार बन गई, बल्कि कभी न भूल पाने वाला पल भी बन गया।

बताया जा रहा है कि ट्रेन जैसे ही बेगूसराय के बरौनी स्टेशन पहुंची, वैसे ही जीआरपी बरौनी मदद के लिए आगे आई। फिर जच्चा और बच्चे को इलाज के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान महिला सिपाही भी बच्ची को गोद में लेकर न सिर्फ खिलाती हुईं नजर आईं, बल्कि नवजात बच्ची को ममता की छांव भी दी। ट्रेन में गूंजी इस किलकारी की चर्चा आज हर तरफ हो रही है।
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इस संबंध में नाना मोशीद मोमिन ने बताया कि महिला उनकी बेटी है, जो हावड़ा से दरभंगा के लिए निकली थी। तभी रात में पेट दर्द के बाद मोकामा पुल के आस पास चलती ट्रेन में उनकी बेटी को बेटी हुई। परिवार के लोग खुश हैं। उन्होंने बताया कि बरौनी जीआरपी ने उनकी बहुत मदद की है। वहीं, महिला पुलिसकर्मी ने बताया कि बच्ची का जन्म चलती ट्रेन में हुआ है। बच्चा और उसकी मां पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

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दो अलग ट्रेनों में दो महिलाओं ने नवजात को दिया जन्म - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी से रांची जा रही आसनसोल पैसेंजर में महिला ने नवजात को दिया जन्म
बिहार के कैमूर जिले में वाराणसी से रांची जा रही आसनसोल पैसेंजर में एक महिला ने नवजात बच्चे को जन्म दिया। इसकी सूचना ट्रेन में सवार यात्रियों ने भभुआ आरपीएफ को दी। सूचना मिलते ही स्टेशन प्रबंधक और आरपीएफ ने महिला को मोहनिया के अनुमंडल अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां चिकित्सकों द्वारा इलाज जारी किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। महिला की पहचान रांची के दिनेश लोहार की पत्नी आरती देवी के रूप में हुई है।

जानकारी के मुताबिक, महिला उत्तर प्रदेश में मलिकपुर ईंट भट्ठे पर अपने पति और दो बच्चों के साथ काम करती है। रांची जाने के दौरान महिला के पति भी साथ में थे, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण वह ट्रेन को पकड़ नहीं पाए। महिला बनारस से रांची अपने ममेरे ससुर और दो लड़की के साथ ट्रेन में बैठकर जा रही थी। तभी भभुआ रोड स्टेशन पर ट्रेन आई तो महिला का ट्रेन में ही प्रसव हो गया।
 
इस संबंध में उप निरीक्षक रामजीलाल गुप्ता ने बताया कि स्टेशन मास्टर और मुझे सूचना मिली कि वाराणसी आसनसोल पैसेंजर जो वाराणसी की तरफ से आ रही है। उसमें गार्ड बोगी के तीसरे नंबर पर एक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है। हम लोग भभुआ स्टेशन पर पहुंचे जहां महिला को ऑटो में लेकर अनुमंडल अस्पताल मोहनिया में पहुंचे। महिला और उसके बच्चे दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।
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