बिहार में सियासी पारा हर दिन चढ़ता ही जा रहा है और इस बीच अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ समस्तीपुर की धरती पर पहुंचा। 25 अक्तूबर की शाम को राजनेताओं से जनता के मुद्दे पर सवाल पूछे गए। इसके साथ ही उनके दावों-वादों को तोला गया कि किसके पक्ष में सियासी हवा बह रही है। जनता की उम्मीदें और सवाल क्या हैं? बात दें, इससे पहले सुबह स्थानीय लोगों से चाय पर चर्चा का चुनावी कार्यक्रम हुआ, फिर दोपहर में युवाओं से भी बात की गई है।
'बिहार की सत्ता कंपते हाथों में नहीं देंगे'
उन्होंने आगे कहा, "हमने बिहार में जंगलराज का दौर देखा है। पहले हमें कपड़े खरीदने के लिए पटना तक जाना पड़ता था, लेकिन अब हर जिले में मॉल और दुकानें हैं। अगर जंगलराज वापस आया, तो ये सारी सुविधाएं खत्म हो जाएंगी। इसके अलावा, 2005 के बाद से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया गया है।"
कर्पूरी ठाकुर की धरती पर सियासी पारा गर्म है। चर्चा के दौरान भाजपा के मनोज जायसवालने कहा कि नीतीश के नेतृत्व में कोई मतभेद नहीं है। कर्पूरी ठाकुर को जो सम्मान दिया गया है, इसके लिए हम सब शीर्ष नेतृत्व के आभारी हैं। पीएम मोदी का यहां आना खुशी की बात है। वहीं, एनडीए समर्थक वीरेंद्र कुमार ने कहा कि नीतीश का राज्य कायम रहेगा। फिर से उनको सीएम बनाएंगे।
'20 साल से सरकार ने किसान और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया'
वहीं, माले के सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यहां की रीढ़ किसान और मजदूर हैं। नीतीश सरकार ने चीनी कारखाना खोलने के लिए कहा था, लेकिन आज तक वह चालू नहीं हो पाया। यहां से हजारों लोग नौकरी के लिए बाहर जाते हैं। 20 साल में यह सरकार गरीब किसान और मजदूरों के लिए कुछ नहीं कर पाई है। यहां तेजस्वी की सरकार बनेगी। उन्होंने पांच लाख नौकरी देने का काम कम समय में किया है। महिला के खाते में 2500 रुपये देने की बात कही, तो नीतीश ने तेजस्वी की नकल की। जो-जो वे कहते गए, उनकी नकल नीतीश करते गए हैं।
इंद्रजीत कुमार ने कहा कि समस्तीपुर में बदलाव होगा। 20 वर्षों से विकास नहीं हुआ है। वहीं, भाजपा के सुनील कुमार ने कहा कि समस्तीपुर को सीवान बनने से बचाएं। यहां जंगलराज है। मेरी युवाओं से अपील है कि यहां जमीन हड़पने का काम किया जा रहा है।
'चीनी कारखाना बंद होना बड़ा मुद्दा'
अमित कुमार कहते हैं कि यहां विकास का मुद्दा है। चीनी कारखाना बंद होना भी बड़ा मुद्दा है। वहीं, भाजपा समर्थक ने कहा कि जब यहां चीनी कारखाना, पेपर मिल, जूट कारखाना बंद हुआ, तो वह लालू की सरकार के समय बंद हुआ था। और उन लोगों ने इसे ऐसे बंद किया कि यह आज तक नहीं खुल पाया। पूर्व की सरकार ने इसे चालू करने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया।
'हर महीने देश में 600 किसान आत्महत्या करते हैं'
इसी दौरान, महागठबंधन के एक समर्थक राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि बिहार में जंगलराज है। सुशासन का दम भर रहे हैं। इनकी सरकार में सबसे ज्यादा किसान आत्महत्या कर रहे हैं। रेप हो रहे हैं। सबसे ज्यादा 13 प्रतिशत पलायन बिहार में है। एनडीए वाले लोग सफेद झूठ बोलते हैं। हर महीने देश में 600 किसान आत्महत्या करते हैं और ये विकास की बात करते हैं। साइनिंग इंडिया की बात करते हैं।