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Crime: मुजफ्फरपुर के कारोबारी पर गोलीबारी मामले में पीड़ित निकला शराब माफिया, थानाध्यक्ष इस कारण हुए निलंबित

Mon, 02 Sep 2024 02:53 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर

सार

Samastipur News: समस्तीपुर में मुजफ्फरपुर के कारोबारी पर गोलीबारी मामले में एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल, पीड़ित खुद शराब कारोबारी निकला है। उसपर दूसरे शराब माफिया ने गोलीबारी की थी। वहीं, इस पूरे मामले में वैनी थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है। जानें पूरा मामला...।
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गोलीबारी मामले में पीड़ित शराब कारोबारी से घूस लेने के मामले में थानाध्यक्ष निलंबित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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समस्तीपुर जिले के वैनी थानाक्षेत्र में तीन दिन पूर्व मुजफ्फरपुर के कारोबारी पर फायरिंग मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़ित कारोबारी राजीव रंजन उर्फ राकेश महतो खुद शराब माफिया निकला। वह समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थानाक्षेत्र में वांटेड है। इसके बावजूद उसे को वैनी थाने लाकर छोड़ दिया गया। थाने से छूटकर जब वह वापस जा रहा था तभी कर्पूरीग्राम निवासी शराब माफिया छोटू सिंह ने अपने लोगों के साथ मिलकर उस पर फायरिंग की थी। अब इस मामले में एसपी विनय तिवारी ने वैनी थाना अध्यक्ष मोहम्मद शकील अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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गोलीबारी की घटना के बाद पहचान में आए शराब कारोबारी राजीव रंजन उर्फ राकेश महतो को मीडिया में बयान देता देख मुसरीघरारी पुलिस ने उसकी पहचान की। फिर तत्काल इसकी जानकारी एसपी विनय तिवारी को दी। एसपी ने इस मामले में एएसपी संजय पांडे को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा।

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि 30 अगस्त की अहले सुबह वैनी थाना अध्यक्ष को सूचना मिली कि इस इलाके से काले रंग की स्कॉर्पियो से शराब की बड़ी खेप गुजरने वाली है। इसके बाद उनके नेतृत्व में पुलिस की टीम ने वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान सुबह करीब 4:00 बजे मुजफ्फरपुर की ओर से आ रही एक काले रंग की स्कॉर्पियो नजर आई, जिसे रोककर वह अपने साथ थाने ने ले गए। उस स्कॉर्पियो में राजीव रंजन उर्फ राकेश महतो बैठा हुआ था। जांच के दौरान स्कॉर्पियो में शराब नहीं मिली, हालांकि वह राजीव रंजन को पहचान गए। इसके बावजूद थाना अध्यक्ष ने मामले की जानकारी मुसरीघरारी थाना पुलिस को नहीं दी और लेनदेन तय करना शुरू कर दिया।
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सूत्रों का दावा है कि करीब डेढ़ लाख में लेनदेन तय होने के बाद शराब कारोबारी की पत्नी पैसे लेकर थाने पहुंची और पैसा देने के बाद शराब कारोबारी को छोड़ दिया गया। जब उक्त शराब कारोबारी अपनी पत्नी के साथ वापस मुजफ्फरपुर के सकरा थानाक्षेत्र के मालपुर लौट रहा था, इसी दौरान बंगरा थानाक्षेत्र के रहीमाबाद और बघौनी के बीच इलाके के दूसरे शराब माफिया छोटू सिंह ने अपने लोगों के साथ राजीव रंजन पर गोलीबारी कर दी। लेकिन राजीव को गोली नहीं लगी। वह किसी तरह भाग कर रहीमाबाद के पास भीड़ में जा घुसा, जिससे उसकी जान बच गई। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने दो बदमाशों को पकड़ कर पुलिस के हवाले भी कर दिया, क्योंकि मामला बंगरा थानाक्षेत्र में पड़ता था जिस कारण उक्त कारोबारी को बंगरा थाना भेज दिया गया।

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इस मामले में बंगरा थाने में एक प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई, जिसमें पकड़े गए दोनों युवक को जेल भेज दिया गया। अब मामले की पूरी जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने वैनी थाना अध्यक्ष को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया गया है कि वैनी थाना अध्यक्ष की इस भ्रष्ट रवैये के कारण गोलीबारी की घटना में अगर कारोबारी की मौत हो जाती तो विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती थी, जिस कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया।
 
उधर, पुलिस सूत्रों का दावा है कि मुजफ्फरपुर के शराब कारोबारी के समस्तीपुर में प्रवेश करने की सूचना शराब माफिया छोटू सिंह ने पुलिस को दी थी। इस कारण पकड़े जाने के बाद वह उस पर नजर बनाए हुए था। लेकिन जब उसे लेनदेन के बाद थाने से छोड़ दिया गया तो उसने उस पर फायरिंग कर दी, क्योंकि दोनों के बीच शराब कारोबार में वर्चस्व को लेकर पूर्व से तना-तनी चल रही थी।

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