फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: मृतक पहुंचा कोर्ट में, जज के सामने बोला- कुछ लोग मेरा अपहरण कर नेपाल ले गए थे, मौका पाते ही...

Fri, 18 Apr 2025 01:56 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा

सार

Deceased Reached Court: मृतक भोलाराम कोर्ट में उपस्थित होकर बोला, कुछ लोग मेरा अपहरण कर नेपाल ले गए थे। मौका पाते ही नेपाल की सीमा से फोन कर परिजनों की जानकारी दी।
विज्ञापन
भोलाराम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दरभंगा जिले में मब्बी थाना क्षेत्र के सिमरा निहालपुर गांव का जगदेवराम का मृत भोलाराम शुक्रवार को अचानक से दरभंगा व्यवहार न्यायालय में उपस्थित होकर अपने जिंदा होने का सबूत पेश किया। बता दें कि भोलाराम के डीएमसीएच में इलाज के दौरान हुई मौत के सड़क जाम हंगामे के बाद मब्बी थानाध्यक्ष दीपक कुमार को निलंबित कर दिया गया था।

विज्ञापन


अब न्यायालय में युवक भोलाराम के उपस्थित होने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जिस युवक को डीएमसीएच में पहचान के मृतक के भाई धीरजराम ने भोलाराम होने का दावा किया था, वह कौन और किसका बेटा था? अगर वह भोला राम नहीं था तो परिजनों ने कैसे उसे भोला के रूप में पहचान कर उसका इलाज कराया। इतना ही नहीं उसके मौत के बाद परिजन हंगामा भी किए थे। 

यह भी पढ़ें: प्रेम-प्रसंग में युवती ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मां से 20 रुपये लेकर निकली थी घर से
विज्ञापन


न्यायालय के सामने भोलाराम ने बताया कि उसे ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय के नागेंद्र झा स्टेडियम से कुछ लोगों ने उसके मुंह पर रुमाल रखकर बेहोश कर दिया था। उसे जब होश आया तो वह अपने आप को नेपाल में पाया था। वह मौका पाकर परिजनों को बहुत बड़ा व्हाट्सएप कॉलिंग किया करता था। लेकिन परिजन उसे हमेशा कॉल को काट दिया करते थे। बीते एक दो दिन पहले परिजनों ने इसके नंबर से आ रहे व्हाट्सएप कॉल को उठाया तो उसने घटना की पूरी जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने नेपाल जाकर साथ भारत लाया। परिजनों के साथ अपने घर आते ही उसने न्यायालय में उपस्थिति दर्ज कराई है।

यह भी पढ़ें: पति, बहनोई और बहन के साथ फिल्म देखने गई महिला गायब, थाने में अपहरण का मामला दर्ज

भोलाराम के लापता होने की पहली जानकारी परिजनों ने मब्बी थाना को आठ फरवरी को दी थी। उसके बाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान 26 फरवरी को दोनार अललपट्टी रेलवे ट्रैक के पास कुछ युवकों को एक दोनों हाथ और पैर कटा हुआ युवक मिला था, जिसे युवकों द्वारा इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती करवाया गया था।

इसकी पहचान परिजनों ने अस्पताल में जाकर भोलाराम के रूप में की थी। दो दिनों तक इलाज भी कराया था। लेकिन अगले दिन उसकी मौत हो जाने के बाद परिजनों ने शिवधारा आजमनगर सड़क को जाम कर हंगामा किया था। इस हंगामे के बाद एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने कार्रवाई करते हुए मब्बी थानाध्यक्ष दीपक कुमार को निलंबित कर दिया था। अब युवक जिंदा बरामद होने के बाद कई सवाल उठ खड़े हुए है। यह चर्चा का विषय भी बना हुआ है।

विज्ञापन

भोलाराम - फोटो : अमर उजाला

भोलाराम के जिंदा होने पर SSP ने कहा...
दरभंगा में मब्बी थाना क्षेत्र के सिमरा नेहालपुर गांव के भोलाराम हत्या मामले में गुरुवार को एक नाटकीय मोड सामने आई है। मब्बी थाना कांड संख्या-22/25 का सूचक जगदेव राम का पुत्र धीरज कुमार ने अपने कथित मृतक भाई को साथ लेकर विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी की अदालत में आवेदन समर्पित किया कि उसका भाई भोला कुमार राम जिंदा है, जिसे पुलिस ने मृत घोषित कर दिया था।

सूचक ने आगे कहा कि 28 फरवरी 2025 को पुलिस ने उसे फोन कर डीएमसीएच बुलाया और चेहरा विकृत अज्ञात शव को मुझसे जबरन पहचान कराया और एक मार्च 25 को शव सुपूर्द कर दिया। शव की आयु 20-25 वर्ष थी। जबकि सूचक के भाई की उम्र 16-17 वर्ष है। सूचक ने अपने आवेदन में अंकित किया है कि उसके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया कि तुम्हारा भाई नेपाल में है। उक्त पते पर सूचक नेपाल के इण्डस्ट्रीज मिर्चाईया कटारी चौक गया, जहां उसे भाई भोला जीवित मिला और बताया कि 2-3 अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया तथा उसे एक कमरे में बंद कर रखता था। स्पेशल पीपी संजीव कुमार कुंवर ने सूचक का आवेदन की प्रति प्राप्त कर कांड के अनुसंधानक को सूचित किया।

यह भी पढ़ें: अपराधियों ने प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर स्थिति में चल रहा इलाज

केस के अनुसंधानक ने कथित मृतक भोलाराम को अभिरक्षा में लेकर कोर्ट में प्रस्तुत किया तथा कोर्ट से जिवित भोला का बीएनएसएस की धारा-183 के तहत बयान अंकित करने की याचना किया। स्पेशल जज शैलेंद्र कुमार ने 183 बीएनएसएस के तहत बयान दर्ज करने के लिए सीजेएम को निर्देशित किया। जहां उसका बयान दर्ज किया गया। कुमार की अदालत ने जीवित भोला को उचित पहचान पर उसके माता पिता को सौंप देने का आदेश पारित किया है।

यहां बड़ा सवाल यह है कि आखिर अल्ललपट्टी रेलवे गुमटी के निकट मिले अज्ञात जख्मी, जिसकी मौत इलाज के दौरान अस्पताल में हो गई तथा उसका दाह संस्कार भी कर दिया गया, वह कौन था? यह यक्ष प्रश्न बन गया है। इसकी गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। वहीं, भोला कुमार राम की हत्या के अभियोग में काराधीन राहुल कुमार की न्यायिक अभिरक्षा में कैद अवधि के एवज में कैसे न्याय मिलेगी।

चूंकि कथित मृतक को जीवित रूप में प्राथमिकी के सूचक ने कोर्ट में प्रस्तुत कर हत्या की इस कहानी को स्वंय झुठला दिया है। इसके अतिरिक्त राज्य कोष से कथित मृतक की हत्या की एवज में मिले चार लाख 25 हजार रुपये का क्या होगा। इस वारदात ने पूरे तंत्र को सकते में डाल दिया है। इस संबंध में एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने कहा कि इस पूरे मामले की फिर से दोबारा जांच कराई जाएगी। अज्ञात व्यक्ति को भोलाराम बताने वाले पर भी कार्रवाई की जाएगी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें