दरभंगा जिले के बाल सुधार गृह में एक किशोर बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव शुक्रवार को शौचालय में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने आक्रोश जताते हुए लहेरियासराय थाना क्षेत्र के सैदनगर में सड़क जाम कर हंगामा किया। कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर सड़क जाम समाप्त कराया।
मृतक किशोर सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र का निवासी था और मोबाइल चोरी व आगजनी के एक पुराने मामले में न्यायिक आदेश के बाद बाल सुधार गृह में रखा गया था। 31 अगस्त 2025 को थाना क्षेत्र के एक गांव में आगजनी और मोबाइल छिनतई की घटना हुई थी, जिसके आरोप में तीन युवकों को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा था। इन्हीं में मृतक किशोर भी शामिल था।
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परिजनों ने आरोप लगाया कि किशोर की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है। उनका कहना है कि उसे झूठे आरोप में फंसाया गया था और अब उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गौरतलब है कि दरभंगा बाल सुधार गृह में पिछले छह महीनों में यह तीसरी आत्महत्या का मामला है। इससे पहले समस्तीपुर और बहेड़ा थाना क्षेत्र के दो किशोर बंदियों ने भी फांसी लगाकर जान दे दी थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है और जांच की बात कहकर बयान देने से परहेज कर रही है।
सदर एसडीओ का बयान
इस संबंध में सदर एसडीओ विकास कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम कौशल कुमार ने मजिस्ट्रेट और न्यायिक जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मृतक बाल बंदी को चार दिन पहले ही मंडल कारा से बाल सुधार गृह में लाया गया था। इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच वे स्वयं करेंगे। एसडीओ ने स्वीकार किया कि पिछले दो महीने में तीन बाल बंदियों की मौत हो चुकी है और ये सभी घटनाएं उनके कार्यकाल में हुई हैं। उन्होंने बताया कि तीन में से दो घटनाएं आत्महत्या की हैं, जबकि एक मामले में पीट-पीटकर हत्या की बात सामने आई है। इन सभी मामलों की जांच कराई जा रही है।