समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थानाक्षेत्र के भगीरथपुर गांव में दवा दुकानदार और ग्रामीण चिकित्सक सुनील चौधरी की गोली लगने से हुई मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। पांच दिन पूर्व बदमाशों द्वारा की गई गोलीबारी में घायल सुनील चौधरी की शुक्रवार रात पटना के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार सुबह जैसे ही उनका शव समस्तीपुर पहुंचा, गांव वालों का आक्रोश भड़क उठा। फिर उन्होंने समस्तीपुर-दरभंगा मुख्य मार्ग को मगरदही घाट के पास जाम कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यातायात ठप हो गया। इस जाम के कारण सुबह-सुबह स्कूल और कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। खासकर बच्चों और दैनिक यात्रियों को काफी दिक्कत हुई।
आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य आरोपी गांधी चौधरी की गिरफ्तारी, मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। आक्रोश बढ़ता देख नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर जाम खत्म करवाया।
जानकारी के मुताबिक, घटना 23 सितंबर की रात की है, जब सुनील चौधरी अपनी दवा की दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें एक गोली उनके शरीर में जा लगी। उसके बाद स्थानीय लोगों ने घायल सुनील चौधरी को समस्तीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना के मेदांता हॉस्पिटल रेफर किया गया था। वहां इलाज के दौरान शुक्रवार मध्यरात्रि उनकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि सुनील चौधरी की पत्नी के बयान पर कल्याणपुर थानाक्षेत्र के भगीरथपुर गांव के गांधी चौधरी समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी गांधी चौधरी अभी भी फरार है। गांधी चौधरी पहले भी गांव के संतोष राय पर गोली चलाने का आरोपी रहा है।
गांव वालों का आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते संतोष राय पर हुए हमले के मामले में सक्रिय होती और गांधी चौधरी को गिरफ्तार कर लेती, तो सुनील चौधरी की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है, लेकिन गांव में पुलिस की सुस्ती को लेकर भारी नाराजगी है।