मधुबनी जिले में बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के गनगूली गांव की नेमत खातून की हत्या के दोषी शौहर नाज अली को उम्रकैद की सजा और 30 हजार रुपये जुर्माने लगाया गया है। बता दें कि एडीजे-5 संकाश चंद्र की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
बताते चलें कि सीतामढ़ी जिले में नानपुर के बनौल गांव के रैन मोहम्मद की पुत्री नेमत खातून की शादी साल 2006 में नाज अली के साथ हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद पति और ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा नेमत खातून पर दहेज में मायके से 10 लाख रुपये लाने का दबाव दिया जाने लगा। गरीब परिवार से आने वाली नेमत खातून ने रुपये लाने से इनकार कर दिया। उसके बाद नेमत खातून को पति और ससुराल वालों के द्वारा प्रताड़ित किया जाने लगा। लेकिन 10 लाख रुपये मांगकर लाने का दबाव में असफल होने 16 जून 2020 को नेमत खातून के पड़ोसियों ने उसकी हत्या की सूचना दी।
घटना की सूचना पर रोते बिलखते भाई शमी अपने रिश्तेदार मोहम्मद दानिश के साथ अपनी बहन के ससुराल पहुंचा तो नेमत खातून का शव बिस्तर पड़ा मिला। उसके बाद सूचना पाकर पहुंचे तत्कालीन एसडीपीओ अरुण कुमार सिंह और दरोगा अरुण कुमार मिश्रा ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर मृतक के भाई शमी के आवेदन पर पति सहित सास-ससुर और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों को आरोपी बनाया था। इसको लेकर बेनीपट्टी थाना में प्राथमिक संख्या 136/20, 302, 498 A और 34 आईपीसी के तहत दर्ज की गई।
इसके बाद कोर्ट में चले एसटी नंबर 197/22 का ट्रायल पूरा होने के बाद आज एडीजे-5 की अदालत में जज संकाश चंद्र ने नेमत खातून के पति ने नाज अली को नेमत खातून की गला दबाकर हत्या मामले में आईपीसी, 498 में तीन वर्ष, 302 उम्रकैद और 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
वहीं, इस मामले को लेकर न्यायालय में आज सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। मामले में पीड़ित की ओर से पक्ष रखने वाले अधिवक्ता रामशरण ने उक्त बात की जानकारी दी। वहीं, मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक रामानंद यादव ने पक्ष रखा।