जांच में जुटी पुलिस (फाइल फोटो)
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दरभंगा जिले के ग्रामीण मुकेश झा ने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता के पिता परदेश में काम करते हैं। इसके कारण पीड़िता की मां को घटना के बाद कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें। ऊपर से आरोपियों के द्वारा धमकी भी मिल रही थी कि यदि पुलिस के पास जाएंगी तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। इसके डर से परिवार पुलिस के पास जाने से डर रहा था।
घटना की जानकारी जब धीरे-धीरे गांव में लोगों के बीच फैल गया। गांव में हरतरफ घटना की चर्चा होने लगी तो मां परिवार के लोगों के साथ जाकर थाना को आवेदन दिया गया। उसके बाद परिवार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल के लिए DMCH लाया गया। जहां उसका मेडिकल करवाया गया। अब आरोपी लड़की को मदद करने वाले ग्रामीणों को हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी देते चल रहा है। बोल रहा है तुम लोग हमारे खिलाफ भड़का रहे हो।
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घटना के 10 दिनों बाद प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर बताया कि 15 तारीख को घटना घटी। लेकिन 25 को प्राथमिकी दर्ज करने के पीछे क्या कारण था। सवाल पर उन्होंने कहा कि पिता बाहर काम करते हैं, मां बेटी की बदनामी के डर से घटना को दबाना चाहती थी। लेकिन जब समाज के द्वारा दबाव बनाया गया, तब परिवार तैयार हुआ। वहीं, अब समाज के लोग मांग कर रहे हैं कि इस तरह की घटना को अंजाम देने वाले को कठोर से कठोर सजा दिया जाना चाहिए, जिससे इस तरह की घटना को दोहराया न जाए जाए।
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ग्रामीण बताते हैं कि घटना के बाद से गांव में काफी तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस घटना का मुख्य सरगना गांव के चौकीदार का बेटा दुर्गेश पासवान बताया जा रहा है। उसने पहले लड़की को अपने साथ जबदस्ती भगाकर धोबिया गाछी ले गया था। इसके बाद अन्य साथियों ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। इस दौरान पूरे घटना का वीडियो भी बनाया गया था, जिसे वायरल करने की धमकी दिया जा रहा था। इतना ही घटना के बाद से लड़की धमकाते हुए कहा जा रहा था कि जब जहां बुलाएं वहां तुमको आना पड़ेगा। इस घटना में शामिल सभी आरोपी नशे के आदि हैं।