दरभंगा एम्स का सोभन बाईपास में होगा निर्माण
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बिहार के दूसरे एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) का निर्माण दरभंगा के सोभन बाईपास में किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्र सरकार ने 25 अक्तूबर को ई-टेंडर के माध्यम से निर्माण के लिए निविदा जारी कर दी है। इस निविदा के तहत दरभंगा एम्स की रूपरेखा और मास्टर प्लान तैयार करने के लिए कंसल्टेंट सेवाओं की मांग की गई है।
केंद्र सरकार पहले ही इस परियोजना के लिए 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान कर चुकी है, जबकि बिहार सरकार ने 187 एकड़ भूमि केंद्र को हस्तांतरित कर दी है। अब सभी प्रमुख बाधाओं को हल कर लिया गया है, जिससे इसके शीघ्र निर्माण की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
संभावित सुविधाएं और बिस्तर क्षमता
दरभंगा एम्स में कुल 700 बिस्तर होंगे, जिसमें विभिन्न सुपर स्पेशलिटी विभागों के लिए 215 बिस्तरों की व्यवस्था की जाएगी। एम्स के भीतर निम्नलिखित विभागों और बिस्तरों की व्यवस्था की संभावना है-
आईसीसीयू और क्रिटिकल केयर: 175 बिस्तर
सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स और ऑप्थालमोलॉजी: 120 बिस्तर
मेडिसिन: 60 बिस्तर
पीडियाट्रिक (बाल चिकित्सा): 60 बिस्तर
स्त्री एवं प्रसूति विभाग: 75 बिस्तर
डर्मेटोलॉजी: 15 बिस्तर
इस परियोजना से दरभंगा और आसपास के क्षेत्र के लोगों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। इसके निर्माण की तेजी से हो रही प्रगति ने स्थानीय निवासियों में खुशी और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है, जो इसे क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रहे हैं।