जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मद्देनज़र इंडो-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने के निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में नेपाल से सटे बिहार के मधुबनी जिले की सीमा पर भी सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत कर दिया गया है।
मधुबनी के हरलाखी थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरौन बॉर्डर पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। अब बिना वैध पहचान पत्र के सीमा पार करना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यहां तैनात SSB जवान हर व्यक्ति और वाहन की गहन तलाशी ले रहे हैं। साथ ही, आधार आधारित ऑनलाइन पहचान सत्यापन प्रणाली भी शुरू की गई है।
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पिपरौन एसएसबी कैंप के इंचार्ज सुनील दत्त ने बताया, “जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के बाद पिपरौन बॉर्डर को संवेदनशील जोन में शामिल किया गया है। हमें विशेष सतर्कता बरतने के आदेश मिले हैं। अब कोई भी व्यक्ति चाहे वह भारतीय हो या नेपाली बिना जांच के सीमा पार नहीं कर सकता।”
इस सख्ती का असर स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। भारत-नेपाल के बीच ‘रोटी-बेटी’ का पुराना संबंध रहा है। सीमा के दोनों ओर लोगों के रिश्ते-नाते हैं और त्योहारों या पारिवारिक आयोजनों में आवागमन आम बात रही है। लेकिन बढ़ी हुई चौकसी के चलते अब लोगों को वैवाहिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के दौरान भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।