बिहार राज्य में तीन दिवसीस भ्रमण पर आए 16वें वित्त आयोग का मधुबनी जिला अंतर्गत झंझारपुर अनुमंडल में परिभ्रमण कार्यक्रम के तहत अररिया संग्राम पंचायत में आगमन हुआ। 16वें वित्त आयोग सर्वप्रथम मिथिला हाट पहुंचे। जहां विवाह भवन में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया सहित सभी सदस्यगण और अधिकारियों का मिथिला के परंपरा के अनुसार जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने स्वागत किया।
कार्यक्रम में कालाकारों की टीम के द्वारा मिथिला के प्रसिद्ध झिझिया नृत्य के साथ-साथ बिहार के प्रसद्धि छठ पर्व पर आधारित नृत्य एवं गीत की प्रस्तुति किया गया। मिथिला चित्रकला के पद्यश्री कलाकारों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक रंगों के इस्तेमाल के कारण इस चित्रकला का प्रकृति से काफी गहरा रिश्ता है। इस चित्रकला के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री के साथ दर्शाए गये दृश्य भी प्रकृति से जुड़े होने का आभास कराते हैं। इस चित्रकला की एक खासियत यह भी है कि आदि काल में पितृसत्तात्मक समाज की प्रधानता होने के बाबजूद उस समय इस क्षेत्र की महिलाओं ने इस चित्रकला की शुरुआत किया और बेटियों को विरासत में यह गुण सिखाया, जो आज पूरे विश्व पटल पर अपनी पहचान बना चुकी है।
मिथिला चित्रकला के विस्तार एवं उत्थान हेतु बिहार सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी गई। इस संस्थान द्वारा वर्तमान में सर्टिफिकेट कोर्स एवं डिग्री कोर्स का संचालन किया जा रहा है। वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने मिथला हाट विवाह भवन में मिथिला चित्रकला संस्थान द्वारा लगाये स्टॉल का भी निरीक्षण किया। जहां उन्होंने पद्यश्री बौवा देवी-सह-वरीय आचार्य, मिथिला चित्रकला संस्थान से मिलकर उनके द्वारा निर्मित चित्रों को देखा।
आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के द्वारा स्टॉल पर प्रदर्शित कलाकृतियों यथा टेराकोटा, सिक्कीकला एवं कपड़े पर बनाए गए मिथिला चित्रकला की सराहना की गई। जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने अध्यक्ष एवं सदस्यों को मिथिला हाट की स्थापना के संबंध में भी जानकारी देते हुए बताया कि यह हाट अपने विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से मिथिला की लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक बन गया है। इसके निर्माण से स्थानीय कलाकारों को मिथिला के लुप्तप्राय कलाओं एवं मिथिला पेंटिग, सुजनी कला, सिक्की द्वारा निर्मित वस्तुओं हस्तकरधा/खादी की सामग्रियों को जीवन्त करने का अवसर मिला है।
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साथ इस क्षेत्र में पर्यटन एवं रोजगार को भी बढ़ावा मिला है। 16वें वित्त आयोग की टीम पंचायत सरकार भवन अररिया संग्राम पहुंची। जहां उन्होंने ग्राम न्यायालय कार्यालय के कार्यों का अवलोकन किया। आयोग के माननीय अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ पंचायत सरकार भवन स्थित सभाकक्ष में पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ मीटिंग की। पंचायत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं से पूर्ण रूपेण आच्छादित है एवं वर्तमान में आदर्श पंचायत बनने के पथ पर अग्रसर है।
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उन्होंने बताया कि पंचायत की परिसम्पतियों के अन्तर्गत मिथिला हाट, पॉलिटेक्नीक कॉलेज, ट्रॉमा सेंटर, पंचायत सरकार भवन, अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई, जीविका भवन, आदर्श थाना संग्राम इत्यादि हैं। उप मुखिया गायत्री देवी, वार्ड सदस्य नासरीन खातून, मिथिलेश पासवान आदि ने भी आयोग के समक्ष पंचायत के विकास कार्यों के संबंध में अपनी बात रखी। आयोग के अध्यक्ष के द्वारा पंचायत सरकार भवन में पौधारोपण भी किया गया।
जनप्रतिनिधियों से संवाद कार्यक्रम के उपरांत 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यगण द्वारा पंचायत सरकार भवन परिसर में मखाना प्रसंस्करण, मशरूम एवं मधुमक्खी पालन, मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना, जल-जीवन-हरियाली, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, बाल विकास परियोजना, सामाजिक सुरक्षा आदि से संबंधित लगाये गये स्टॉल का भी निरीक्षण किया। दीदीयों से मिले दीदी ने शराब बन्दी एवं उसके सकारात्मक प्रभाव के अपने अनुभवों को साक्षा करते हुए कहा कि मेरे पति को शराब की लत छूट गई।