दरभंगा जिले की गोराबौराम विधानसभा सीट पर महागठबंधन के अंदर ही सीधी टक्कर देखने को मिलेगी। यहां वीआईपी और राजद के उम्मीदवार आमने-सामने चुनाव लड़ेंगे। नामांकन वापसी की आखिरी तारीख बीतने के बाद भी राजद उम्मीदवार अफजल अली इमाम ने अपना नाम वापस नहीं लिया। राजद ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र भेजकर अफजल अली इमाम का नामांकन रद्द करने की मांग की थी, लेकिन आयोग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
गोराबौराम सीट से वीआईपी की ओर से पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी के भाई संतोष सहनी उम्मीदवार हैं, जबकि राजद से अफजल अली इमाम चुनाव मैदान में हैं। एनडीए की ओर से भाजपा के सुजीत सिंह प्रत्याशी हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा सोमवार को हुई जांच (स्क्रूटनी) के बाद भी महागठबंधन के दोनों उम्मीदवारों ने नाम वापस नहीं लिया। राजद ने नामांकन के दिन ही आयोग को पत्र भेजकर अफजल अली इमाम का नामांकन रद्द करने का आग्रह किया था, लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ।
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नामांकन वापसी की समय सीमा खत्म होने के बाद अफजल अली इमाम ने कहा कि अब गोराबौराम विधानसभा में ‘फ्रेंडली मुकाबला’ होगा। उन्होंने कहा कि वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी से उनका रिश्ता पहले की तरह बना रहेगा और यहां राजद नेता तेजस्वी यादव भी उनके समर्थन में चुनाव प्रचार करने आएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि जब पार्टी ने मुझे टिकट दिया और मैंने पार्टी के सिंबल पर नामांकन किया है तो मैं निर्दलीय क्यों लड़ूं। मेरे गले में एक तरफ तेजस्वी यादव और दूसरी तरफ लालू प्रसाद यादव की तस्वीर है। महागठबंधन एक परिवार है और कार्यकर्ताओं में गहरा रिश्ता है। आगे भी हम आपस में सब देख लेंगे।
वीआईपी प्रत्याशी ने रिटर्निंग ऑफिसर पर लगाया जातिवाद का आरोप
इधर, वीआईपी के उम्मीदवार संतोष सहनी ने रिटर्निंग ऑफिसर पर जातिवाद का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यहां के रिटर्निंग ऑफिसर जातिवादी रवैया अपना रहे हैं। अंदर बैठे सभी लोग पक्षपाती हैं। संतोष सहनी ने चेतावनी दी कि वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव द्वारा निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र भेजे जाने के बावजूद अफजल अली को राजद का उम्मीदवार बनाए रखा गया है।