मोहनपुर प्रखंड के सीरियावां स्थित मध्य विद्यालय में मंगलवार को मिड-डे मील खाने से दर्जनों बच्चे बीमार हो गए। परोसे गए भोजन में मरी हुई छिपकली मिलने से अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में सभी प्रभावित बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मोहनपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत अब सामान्य है।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। कई लोगों का कहना है कि रसोइया और प्रधानाध्यापक की लापरवाही के कारण यह घटना हुई। उनका आरोप है कि बच्चों को भोजन देने से पहले उसकी सही तरीके से जांच नहीं की गई।
प्रधानाध्यापक लाल बहादुर सिंह ने बताया कि प्रतिदिन की तरह इस दिन भी भोजन रसोइया ने बनाया और जांच के बाद कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को परोसा गया। परोसने के दौरान अचानक मरी हुई छिपकली दिखी। इसके बाद जिन्होंने खाना खा लिया था, उन्हें तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया। सभी बच्चे अब स्वस्थ हैं। मोहनपुर के स्वास्थ्य प्रभारी मनोज चौधरी ने बताया कि कुल 85 बच्चों का उपचार किया गया और सभी की स्थिति सामान्य है।
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सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मोहनपुर भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने विद्यालय जाकर अभिभावकों और शिक्षकों से घटना की जानकारी ली। बीडीओ ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसमें केआरपी और एमडीएम प्रभारी शामिल हैं। टीम दो से तीन दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।