समस्तीपुर के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्चे का शव शनिवार सुबह गाछी से बरामद हुआ। बच्चा शुक्रवार रात से लापता था। परिजनों के अनुसार शव पर चोट और कट के निशान मिले हैं और आंख के पास भी चोट बताई गई है, जिसके बाद उन्होंने हत्या की आशंका जताई है।
बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह 10 वर्षीय बच्चे का शव गाछी में मिलने से सनसनी फैल गई। शव बढ़ौना पंचायत के वार्ड संख्या-3 स्थित मधुवन टोल में फुलवंतो स्थान के आगे पूर्व मटखनमा गाछी से बरामद हुआ। सुबह शौच के लिए निकले एक ग्रामीण की नजर शव पर पड़ी। सूचना मिलते ही आसपास के लोग और बच्चे के परिजन मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिजनों के अनुसार बच्चा शुक्रवार रात करीब नौ बजे स्थानीय चौक स्थित आटा चक्की के पास देखा गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। देर रात तक परिवार के लोगों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। शनिवार सुबह गाछी में शव मिलने की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया।
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शरीर पर चोट और कट के निशान, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
परिजनों के मुताबिक बच्चे के शरीर पर कई जगह चोट और कट के निशान मिले हैं। आंख के पास भी चोट का निशान बताया गया है। घटनास्थल के आसपास खून के धब्बे मिलने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए परिवार ने आशंका जताई है कि बच्चे की हत्या करने के बाद शव को गाछी में फेंका गया होगा। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि हत्या की आशंका समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।
एफएसएल टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य
घटना की जानकारी मिलते ही विद्यापतिनगर थानाध्यक्ष सूरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एसआई सलीम रजा, एएसआई रवि कुमार समेत पुलिस बल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और परिजनों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली।
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घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल टीम ने भी बारीकी से जांच की। टीम ने मौके से अलग-अलग साक्ष्य और नमूने जुटाए हैं, जिन्हें वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा जाएगा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच से मौत की वजह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।
चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था बच्चा
बच्चा चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता कबाड़ी मजदूर का काम करते हैं। मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में शोक के साथ आक्रोश का माहौल भी है। मुखिया लालबाबू दास, राकेश कुमार चौधरी समेत अन्य ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। विद्यापतिनगर थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि बच्चे की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं। पोस्टमार्टम, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।