बिहार की नवानी पंचायत के परमानंदपुर गांव में जहां एक माता-पिता ने अपनी नवजात बच्ची को मरने के लिए छोड़ दिया वहीं एक अन्य दंपती ने उस बच्ची को ममतामयी सहारा दिया।
परमानंदपुर गांव में पोखर किनारे मिली एक नवजात बच्ची को गांव के ही रहने वाले दंपती सुरेख चौपाल और बुधनी देवी ने अपनाने की घोषणा की। बच्ची को अपनाने वाला दंपती निःसंतान है।
नवजात बच्ची सोमवार सुबह एक महिला को मिली। महिला परमानंदपुर के पास पोखर के निकट गई तो उसे बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। महिला ने शोर मचाकर सभी को इकट्ठा किया। तब गांव वालों ने बच्ची को सुरक्षित स्थान पर रखा और पुलसि को सूचना दी।
पुलिस के पहुंचने पर गांव के ही सुरेख चौपाल और बुधनी देवी भी वहां पहुंचे। इस दंपती ने तब उस नवजात को अपनाने की घोषणा की और उसे गोद में उठा लिया। पुलिस ने बच्ची का इलाज कर उसे दंपती को सौंप दिया।
इस दंपती ने सात साल पहले भी एक अपरिचित मंदबुद्घि महिला द्वारा जन्मी बच्ची को गोद लिया था। बच्ची की मां जन्म के बाद कहीं चली गई थी।