Bihar: दिल्ली में तीन छात्रों की मौत के बाद पटना प्रशासन के द्वारा कोचिंग की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई। पटना के डीएम ने सभी कोचिंग संचालकों को निर्देश देते हुए कहा कि एक महीना के अंदर वे लोग मानदंड को पूरा कर लें वर्ना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के एक कोचिंग के लाइब्रेरी में तीन छात्रों की मौत के बाद पटना के प्रशासन ने भी जांच पड़ताल शुरू कर दिए हैं। इस क्रम में कई कोचिंग संस्थानों की जांच-पड़ताल की गई। इस दौरान एसडीएम खान सर के कोचिंग पर भी पहुंचे।
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एक महीना के अंदर कराना होगा यह काम
पटना के कोचिंग में पदाधिकारियों के द्वारा निरीक्षण करने के दौरान कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया। इसके बाद पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बुधवार को कोचिंग संचालकों के साथ बैठक की। इस संबंध में उन्होंने बताया कि कोचिंग संचालन के लिए उसके अपने मानदंड होते हैं, जिसका पालन सभी कोचिंग संचालकों को मानना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी कोचिंग संचालकों को कोचिंग का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए उन्हें एक महीने का समय दिया गया है। इस बीच वह अपना रजिस्ट्रेशन करवा लें अन्यथा अबकी जांच में दोषी पाए जाने पर उनपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जानिए डीएम ने क्या क्या दिए निर्देश
पटना के डीएम कोचिंग संचालकों के साथ लगभग एक घंटे तक बातचीत चली। इस बैठक में लगभग 60-70 कोचिंग संचालक शामिल हुए। इस दौरान डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि मीटिंग अच्छे माहौल में हुई, जिसमें कोचिंग संचालकों ने अपनी अपनी बातें कही। कई कोचिंग संचालक खुद नहीं आये तो अपने प्रतिनिधि को भेज दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सबसे पहले कोचिंग में एंट्री और एग्जिट गेट अलग अलग होने चाहिए। दूसरी बात किसी भी सूरत में बेसमेंट में क्लास नहीं चलेगी। छात्र छात्राओं के लिए बैठने की बेहतर सुविधा होनी चाहिए। आग लगने की घटना से निबटने के लिए उसकी भी व्यवस्था होनी चाहिए। एक क्लास रूम में क्षमता से अधिक बच्चे बैठ रहे हैं, यह नहीं होना चाहिए। डीएम ने कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए सभी कोचिंग संचालकों को एक महीने का समय दिया गया है। जो कोचिंग संचालक नियमों को नहीं मानते हैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।