शिक्षा मंत्री नहीं मिले तो फोन लगाकर पूछा क्यों नहीं पहुंचे कार्यालय
सीएम नीतीश कुमार ने विकास भवन तथा विश्वेश्वरैया भवन स्थित विभिन्न विभागों के कार्यालयों का निरीक्षण किया निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री चन्द्रशेखर, गन्ना उद्योग मंत्री आलोक कुमार मेहता, उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ, परिवहन मंत्री शीला कुमारी, कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत के कार्यालय पहुंचे, लेकिन वे सभी मंत्री अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित नहीं थे। मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित थे। भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं थे लेकिन जब मुख्यमंत्री उनके कक्ष में खड़े थे तो उसी समय भवन निर्माण मंत्री अपने कार्यालय पहुंचे और देर से पहुंचने की सफाई दी। मुख्यमंत्री जब शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के कार्यालय कक्ष पहुंचे और वहां वे उपस्थित नहीं थे तो मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री को फोन लगवाया और पूछा कि अभी तक कार्यालय क्यों नहीं पहुंचे हैं, सभी को साढ़े नौ बजे तक कार्यालय पहुंचना है। मंत्रियों के समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और निर्धारित समय पर कार्यालय आने के लिये निर्देशित किया।
निरीक्षण करते सीएम नीतीश कुमार।
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अधिकारी नहीं मिले तो सीएम ने जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग एवं पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सहकारिता विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, कृषि एवं परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह अपने कक्ष में उपस्थित नहीं थे। शिक्षा विभाग के सचिव वैद्यनाथ यादव भी कार्यालय में उपस्थित नहीं थे। इन सभी की अनुपस्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संदीप पौण्ड्रिक, भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि अपने कार्यालय में उपस्थित थे। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक भी अपने कक्ष में नहीं थे लेकिन जानकारी मिली कि वे आधिकारिक तौर पर दिल्ली गए हुए है। मुख्यमंत्री ने विकास भवन स्थित शिक्षा विभाग के कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम का जायजा लिया।