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Bihar News : नीतीश के शिक्षा मंत्री ने जंगलराज कहने वालों को खुले मंच से दी गाली, केके पाठक के सवाल पर भी बोले

Thu, 11 Jan 2024 07:28 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय

सार

Jungle Raj Bihar : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की बात करते-करते उन लोगों के लिए बेहद अमर्यादित और अशोभनीय गाली का इस्तेमाल किया, जो बिहार में 'जंगल राज' की बात करते हैं।
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शिक्षा मंत्री डॉ चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रामचरितमानस पर विवादित बयान और अपने ही शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक से तनातनी के कारण चर्चित रहे बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री एक बार फिर अपने कारण से विवादों में घिर गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर ने गुरुवार को बेगूसराय में राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए खुले मंच से उन लोगों को गाली दी, जो बिहार में जंगल राज की बात करते हैं।

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जानिए क्या कहा शिक्षा मंत्री ने 
दरअसल शिक्षा मंत्री डॉ चंद्रशेखर गुरूवार को बेगूसराय में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे, जिसमें वह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की प्रशंसा करते करते अपनी मर्यादा ही भूल गये।  इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में ऐसे शब्द का प्रयोग किया जो बेहद ही शर्मनाक और अपमानजनक बात है। उस शब्द को लिखा नहीं जा सकता है) । उन्होंने कहा कि आज अब आप कुर्सी पर भी बैठ रहे हैं लेकिन इससे पहले आपको लोग कुर्सी पर बैठने भी नहीं देते थे। 1990 में लालू जी आये, उससे पहले बाबा साहब आंबेडकर, महात्मा फुले, लोहिया अटल जी कितना लोग आये लेकिन लालू प्रसाद ने लोगों को ताकत दिया। उन्होंने कहा कि चूहा पकड़ने वाले, ताड़ी चुआने वालों, भैंस चराने वालों, मछली पकड़ने वालों, सूअर चराने वालों पढ़ना लिखना सीखो। लालू प्रसाद जब भी बने गरीबों की आवाज तुम (बेहद शर्मनाक और अपमानजनक बात जो लिखा नहीं जा सकता है) कहते हो जंगलराज ? अगर गरीबों की आवाज बनना जंगल राज है तो वैसा जंगलराज हमको पसंद है।

केके पाठक पर कही बात 
बिहार सरकार में पदस्थापित शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक के अपने पद से इस्तीफा देने के संबंध में शिक्षा मंत्री ने कहा कि केके पाठक के मन में हम थोड़े ही बैठे हैं। उनके मन में काम करने का मन नहीं हुआ तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया तो इसमें हम क्या करें। 

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