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'लंदन रिटर्न' पुष्पम प्रिया चौधरी सीएम पद की उम्मीदवार रह गईं, नहीं खुला खाता

Wed, 11 Nov 2020 01:25 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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पुष्पम प्रिया चौधरी (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter
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बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों का एलान हो चुका है। एनडीए को 125 सीटों के साथ बहुमत हासिल हुआ है। इस तरह नीतीश कुमार की अगुवाई में एक बार फिर एनडीए गठबंधन की सरकार बनने वाली है। वहीं, इस चुनाव में नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव और चिराग पासवान के बाद अगर किसी नेता की सबसे ज्यादा चर्चा हुई तो वह हैं पुष्पम प्रिया चौधरी। 

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हालांकि, चुनावी नतीजों के बाद  पुष्पम प्रिया चौधरी को निराशा हाथ लगी है। उनकी द प्लूरल्स पार्टी का खाता भी नहीं खुला। वहीं, खुद को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने वाली पुष्पम प्रिया को करारी हार मिली। 


आपको बता दें कि पुष्पम प्रिया ने मार्च 2020 में अपनी पार्टी का एलान किया और खुद को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया। लंदन से लौटीं पुष्पम प्रिया के पिता विनोद चौधरी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) नेता और पूर्व विधान परिषद सदस्य भी रह चुके हैं। विनोद चौधरी को नीतीश कुमार के करीबी लोगों में गिना जाता है। ऐसे में पुष्पम प्रिया का खुद की पार्टी का एलान करना चौंकाने वाला था।
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कहां से लड़ा पुष्पम प्रिया ने चुनाव और क्या रही उनकी स्थिति?
पुष्पम प्रिया बिहार चुनाव में दो सीटों से मैदान में थीं। पहली सीट बांकीपुर थी और दूसरी बिस्फी। बांकीपुर सीट पर उनका मुकाबला भाजपा के नितिन नवीन और कांग्रेस के लव सिन्हा से था। इस सीट पर पुष्पम प्रिया को 5,189 वोट मिले। वहीं, भाजपा प्रत्याशी नितिन नवीन ने यहां से बाजी मारी और उन्हें 83,068 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा 44,032 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। 

वहीं, बिस्फी विधानसभा सीट पर पुष्पम प्रिया को नोटा से भी कम यानी महज 1509 वोट मिले। इस सीट पर भाजपा के हरिभूषण ठाकुर को जीत मिली, जिन्हें 86,298 वोट हासिल हुए। दोनों ही सीटों पर पुष्पम प्रिया जमानत तक नहीं बचा पाईं।  
 

मार्च में किया था पार्टी के नाम का एलान

लंदन से लौटने के बाद मार्च 2020 में पुष्पम प्रिया चौधरी ने 'द प्लूरल्स पार्टी' का गठन किया। उन्होंने अखबारों में इसका विज्ञापन भी दिया। पार्टी का लोगो सफेद घोड़ा रखा, इसे शक्ति और तीव्रता का प्रतीक माना गया है। पुष्पम प्रिया ने अपनी पार्टी का नारा 'जन गण सबका शासन' दिया।

43 सीटों पर उतारे उम्मीदवार
बिहार चुनाव को लेकर पुष्पम प्रिया ने अपने साथ पढ़े-लिखे युवा नेताओं को जोड़ा। चुनाव में 43 सीटों पर उम्मीदवारों को उतारा गया। हालांकि, चुनाव में मिली हार के बाद इन सभी के हौसले पस्त हैं। लेकिन पार्टी के लिए यह पहला चुनाव था, ऐसे में आगे के चुनावों के लिए अब उनके पास अनुभव भी होगा।
 
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पत्र लिख की थी राष्ट्रपति शासन में चुनाव कराने की मांग

पुष्पम प्रिया ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर मांग की थी कि बिहार में होने वाले चुनाव राष्ट्रपति शासन के तहत हों। राष्ट्रपति को लिखे पत्र में पुष्पम प्रिया चौधरी ने प्लूरल्स उम्मीदवारों के साथ मारपीट, गाली-गलौज और लगातार मिल रही धमकी के मुद्दे को उठाया था। अपने पत्र में पुष्पम प्रिया ने लिखा था कि पार्टी से जुड़ने वाले लोग साफ-सुथरी छवि के हैं। साथ ही, वह शिक्षित भी हैं, लेकिन उनके साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है। खासकर, महिला प्रत्याशियों पर तंज कसे जा रहे हैं।

हमेशा ब्लैक ड्रेस पहनती हैं पुष्पम प्रिया
पुष्पम प्रिया को पूरे चुनाव अभियान के दौरान काले रंग के कपड़े पहने देखा गया। एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में पुष्पम प्रिया ने कहा कि वह काले कपड़े इसलिए पहनती हैं, क्योंकि देश के बाकी नेता उजले कपड़े पहनते हैं। संविधान में कोई ड्रेस कोड नहीं होता है। ऐसे में जिसकी जो मर्जी हो, वह उस रंग की ड्रेस पहन सकता है। 

पुष्पम प्रिया ने कहां से की है पढ़ाई?
द प्लूरल्स की वेबसाइट के मुताबिक, पुष्पम प्रिया ने लंदन के मशहूर लंदन स्कूल ऑफ इकॉनमिक्स से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की डिग्री ली है। इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड के द इंस्टीट्यूट ऑफ डिवेलपमेंट स्टडीज विश्वविद्यालय से डिवेलपमेंट स्टडीज में भी मास्टर्स किया है। 

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