बिहार में राज्यसभा उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल ने लोजपा प्रमुख चिराग पासवान के इनकार करने के बाद सारी उम्मीदें छोड़ दी है। राजद ने अब रीना पासवान को राज्यसभा में भेजने के मुद्दे पर किनारा कर लिया है।
दरअसल, लोजपा को भाजपा से झटका मिलने के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव को चिराग से उम्मीद थी कि वह महागठबंधन के पाले में आ सकते हैं, लेकिन चिराग ने भविष्य में नफा नुकसान को देखते हुए साफ इनकार कर दिया।
सुशील मोदी का निर्विरोध निर्वाचन तय
आरजेडी को भी इस मुद्दे को छोड़ने में ही भलाई नजर आई। बिहार विधान सभा में स्पीकर के चुनाव में झटका मिलने के बाद सबक लेते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अगले सप्ताह झारखंड हाईकोर्ट में लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले किसी भी विवाद में पड़ने से परहेज करना ही बेहतर समझा है।
पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुशील मोदी का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।
महागठबंधन एनडीए को देना चाहता था झटका
चिराग को अपने पाले में कर महागठबंधन, एनडीए को बड़ा झटका देने की कोशिश में था। अगर चिराग राज्यसभा की लालच में महागठबंधन में शामिल हो जाते तो इससे महागठबंधन को भविष्य में दलित वोट बैंक का बड़ा फायदा हो जाता और साथ ही साथ बिहार में एनडीए को बड़ा नुकसान होता।
राज्यसभा उपचुनाव के लिए सुशील मोदी ने आज किया नामांकन
भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बुधवार को राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। यह सीट लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रहे राम विलास पासवान के निधन के बाद खाली हुई है।
नामांकन के समय उनके साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय जायसवाल,जेडीयू नेता श्रवण कुमार सहित कई नेता मौजूद थे। नामांकन के बाद सीएम नीतीश ने कहा कि हम यहां सुशील कुमार मोदी को बधाई देने आए हैं। ये चारों सदन के सदस्य रह चुके हैं।