राजस्थान से मुक्त कराकर बिहार लाए गए 189 बाल मजदूरों को सोमवार से उनके घर भेजा जा रहा है। इनमें 127 बच्चे गया के हैं। इन बच्चों को रविवार देर रात गया लया गया है। इन बच्चों को बाल मजदूरी के लिए राजस्थान लाया गया था, जहां वे चूड़ी बनाने का काम करते थे।
गया के चाइल्ड लाइन में रह रहे इन बच्चों को लेने के लिए दिनभर इनके अभिभावाकों की भीड़ लगी रही। राजस्थान के श्रम विभाग द्वारा मुक्त कराए बए इन बच्चों के अभिभावकों को नियमानुसर आर्थिक सहायता के तौर पर 10-10 हजार रूपए दिए जाएंगे।
बिहार लाए गए बच्चों में गया जिले के 64 बच्चे, नवादा जिले के 33 बच्चे, नालंदा जिले के 7 बच्चे, सासाराम के एक बच्चे, जहानाबाद जिले के पांच बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। इनमें कई बच्चों को श्रम विभाग के अधिकारियों के हाथों में सौंप दिया गया है।
मुक्त हुए बाल श्रमिकों का कहना है कि उन्हें उनके गांव के ही व्यक्ति काम कराने के लिए राजस्थान ले जाया करते हैं। इसके बदले दलाल उनके अभिभावकों को कुछ पैसे देने का वादा करता है। कुछ पैसे बच्चों को ले जाते समय भी देते हैं।